रफ्तार से ट्रायल : 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड से पटरी पर दौड़ी वंदे भारत
कोटा। भारतीय रेलवे ने 16 कोच वाली नई वंदे भारत चेयर कार ट्रेनसेट का 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हाई स्पीड ट्रायल किया। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीसीआरएस) की निगरानी में यह परीक्षण किया गया। इसका उद्देश्य तेज रफ्तार पर ट्रेन की स्थिरता, तकनीकी प्रदर्शन, यात्रियों के सफर की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का आकलन करना था।

रेल कोच फैक्ट्री, कपूरथला में तैयार इस ट्रेनसेट में एल्सटॉम की प्रोपल्शन प्रणाली लगाई गई है। परीक्षण के दौरान ट्रेन के संचालन से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। इसके लिए ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमएस) के जरिए ट्रेन के गतिशील व्यवहार की रिकॉर्डिंग भी की गई।
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से परिचालन की तैयारी
इस ट्रेनसेट की प्रस्तावित अधिकतम परिचालन गति 160 किमी प्रति घंटा है। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) पहले ही इस गति तक परिचालन के लिए अंतिम गति प्रमाणपत्र जारी कर चुका है। अब मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त का निरीक्षण वैधानिक संरक्षा स्वीकृति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।

मथुरा-नागदा खंड पर परीक्षण
परीक्षण पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के अंतर्गत मथुरा-नागदा खंड पर निर्धारित निर्देशों और परिचालन परिस्थितियों के अनुसार किया गया। इस दौरान उच्च गति पर ट्रेन की स्थिरता, सवारी गुणवत्ता और अन्य संरक्षा संबंधी पहलुओं का मूल्यांकन किया गया। परीक्षण के निष्कर्ष आधुनिक यात्री ट्रेन के सुरक्षित परिचालन से जुड़े निर्णयों में महत्वपूर्ण होंगे।
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