डोनाल्ड ट्रम्प की ईरान को दो टूक: 'शांति प्रस्ताव मंजूर नहीं, घुटने टेकेंगे कट्टरपंथी नेता
नई दिल्ली। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के मुद्दे पर एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा बयान दिया है। ट्रम्प ने ईरान के शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए दावा किया कि ईरान के 'कट्टरपंथी नेता' अंततः झुकने पर मजबूर होंगे। ट्रम्प का मानना है कि ईरान की वर्तमान लीडरशिप के साथ किसी भी प्रकार की नरम कूटनीति काम नहीं आएगी और केवल सख्त आर्थिक और राजनीतिक दबाव ही उन्हें बातचीत की मेज पर ला सकता है।
ईरान द्वारा हाल ही में पेश किए गए शांति प्रस्ताव को ट्रम्प ने एक "छलावा" करार दिया। उन्होंने तर्क दिया कि इस प्रस्ताव में उन बुनियादी चिंताओं को संबोधित नहीं किया गया है, जो वैश्विक सुरक्षा और परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी हैं। ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि उनकी पिछली नीतियों (जैसे 'मैक्सिमम प्रेशर' कैंपेन) ने ईरान को कमजोर किया था और भविष्य में भी केवल कड़े कदम ही अमेरिका के हितों की रक्षा कर सकते हैं।
पूर्व राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिया कि अगर वह सत्ता में होते या भविष्य में जिम्मेदारी संभालते हैं, तो ईरान के प्रति उनकी नीति अटूट और बेहद सख्त रहेगी। उन्होंने कहा कि कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित नेताओं को केवल शक्ति की भाषा समझ आती है। ट्रम्प के इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय गलियारों में नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर वर्तमान प्रशासन की कूटनीतिक कोशिशों के विपरीत नजर आता है।

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