आईईडी विस्फोट के शिकार हर नागरिकों को पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की आखिरी निशानी मिटाना : विजय शर्मा

आईईडी विस्फोट के शिकार हर नागरिकों को पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की आखिरी निशानी मिटाना : विजय शर्मा

जगदलपुर। बस्तर में नक्सल हिंसा के दौरान आईईडी और बारूदी सुरंगों में अंग गंवाने वाले लोगों को अब कृत्रिम अंगों के सहारे नई जिंदगी देने का अभियान शुरू हुआ है। जगदलपुर के धरमपुरा क्रीड़ा परिसर में 5 से 7 अक्टूबर तक चल रहे तीन दिवसीय निःशुल्क शिविर में बस्तर संभाग के बस्तर, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के 3800 से अधिक दिव्यांगों का पंजीयन हुआ है। शिविर में कृत्रिम हाथ-पैर, कैलिपर्स, व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी और श्रवण यंत्र नि:शुल्क दिए जा रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद का खात्मा सिर्फ सुरक्षा बलों की कार्रवाई से नहीं होगा। आईईडी और बारूदी सुरंगों का शिकार होकर अंग गंवाने वाले हर नागरिक को फिर अपने पैरों पर खड़ा करना ही नक्सलवाद की अंतिम निशानी को मिटाना है। उन्होंने कहा कि नक्सलियों ने धमाकों से लोगों के पैर छीने, लेकिन बस्तर की जनता के आत्मबल और मां दंतेश्वरी की कृपा से आज वही लोग कृत्रिम अंगों के सहारे स्वाभिमान से आगे बढ़ रहे हैं।

पहले दिन 70 से ज्यादा को कृत्रिम अंग

शिविर में आधुनिक ऑन-साइट कार्यशाला बनाई गई है। विशेषज्ञ दिव्यांगों का मौके पर नाप लेकर वहीं कृत्रिम हाथ-पैर और कैलिपर्स तैयार कर रहे हैं। पहले दिन ही 70 से अधिक हितग्राहियों को कृत्रिम अंग लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर में ही जांच कर मेडिकल प्रमाणपत्र भी दे रही है। साथ ही पात्र हितग्राहियों को दिव्यांग पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।

आईईडी पीड़ित संतोष और घायल जवानों का भी पुनर्वास

शिविर में आईईडी ब्लास्ट के शिकार ग्रामीण संतोष पोयाम के साथ ड्यूटी के दौरान घायल पुलिस जवान राकेश कुमार यादव और घासीराम मांझी को भी कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उप मुख्यमंत्री ने उनकी जीवटता का उल्लेख करते हुए कहा कि अब वे बिना किसी सहारे के चलने के लिए तैयार हैं।

दूसरे चरण में दंतेवाड़ा में शिविर

भारतीय जैन संघटना के डॉ. अतुल जैन ने बताया कि पहले यह शिविर कवर्धा में प्रस्तावित था, लेकिन उप मुख्यमंत्री के सुझाव पर नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर के लोगों को प्राथमिकता दी गई। पहले चरण में बस्तर जिले के ही 1570 हितग्राही शामिल हैं। दूसरे चरण में 15 से 17 अक्टूबर तक दंतेवाड़ा में शिविर लगाया जाएगा, जिसमें दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा के दिव्यांगों को लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने वर्चुअल संबोधन में कहा कि बस्तर हिंसा के दौर से निकलकर विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य केवल बस्तर को हिंसा से मुक्त करना नहीं, बल्कि शांत, सशक्त और विकसित बस्तर बनाना है। उन्होंने कहा कि हिंसा में अंग गंवाने वाले लोग खुद को अकेला न समझें, सरकार और समाज उनके साथ खड़ा है।

कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।