चमोली टनल हादसा: उत्तराखंड में बड़ा हादसा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के 7 मजदूरों की मौत; शवों को लाने की कवायद शुरू

चमोली टनल हादसा: उत्तराखंड में बड़ा हादसा, छत्तीसगढ़ और झारखंड के 7 मजदूरों की मौत; शवों को लाने की कवायद शुरू
देहरादून/रायपुर: उत्तराखंड के चमोली जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां एक निर्माणाधीन टनल (सुरंग) में काम करने के दौरान 7 मजदूरों की अकाल मौत हो गई। मृतकों में छत्तीसगढ़ और झारखंड के मजदूर शामिल हैं, जो रोजी-रोटी की तलाश में उत्तराखंड गए हुए थे। इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है, वहीं संबंधित राज्यों के प्रशासन ने शवों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

कैसे हुआ हादसा?

मिली जानकारी के अनुसार, हादसा चमोली जिले में स्थित एक निर्माणाधीन टनल प्रोजेक्ट के भीतर हुआ। टनल के अंदर काम चलने के दौरान अचानक हुए हादसे में वहां मौजूद मजदूर इसकी चपेट में आ गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक 7 मजदूरों की मौत हो चुकी थी।

मृतकों में छत्तीसगढ़ और झारखंड के श्रमिक शामिल

हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में छत्तीसगढ़ और झारखंड के निवासी शामिल हैं। छत्तीसगढ़ और झारखंड की सरकारों ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

शवों को गृह ग्राम लाने और मुआवजे के निर्देश

  • समन्वय और पार्थिव देह की वापसी: छत्तीसगढ़ और झारखंड प्रशासन ने उत्तराखंड के चमोली जिला प्रशासन से लगातार संपर्क बनाया हुआ है। शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें पूरे सम्मान के साथ उनके गृह ग्राम तक पहुंचाने के विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं।
  • आर्थिक सहायता: राज्य सरकारों और संबंधित निर्माण कंपनी की ओर से मृतक श्रमिकों के आश्रितों को नियमानुसार मुआवजा राशि और हर संभव आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है।

हादसे की जांच के आदेश

उत्तराखंड प्रशासन ने इस भीषण टनल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। टनल निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या तकनीकी लापरवाही की भी जांच की जा रही है, ताकि हादसे की सही वजह स्पष्ट हो सके।