तमिलनाडु बना देश का दूसरा ऐसा राज्य जहाँ होगा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का अलग मंत्रालय; आर. कुमार संभालेंगे कमान

तमिलनाडु बना देश का दूसरा ऐसा राज्य जहाँ होगा 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' का अलग मंत्रालय; आर. कुमार संभालेंगे कमान

चेन्नई : तकनीकी विकास और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में तमिलनाडु सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के महत्व को देखते हुए एक समर्पित 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंत्रालय' का गठन किया गया है। इस फैसले के साथ ही तमिलनाडु, केरल के बाद देश का दूसरा ऐसा राज्य बन गया है जिसके पास एआई के लिए एक विशेष मंत्रालय होगा।

यह नई जिम्मेदारी 'तमिलागा वेत्री कड़गम' (TVK) के विधायक आर. कुमार को सौंपी गई है, जिन्होंने हाल ही में इस नए विस्तारित मंत्रालय के मंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली है।

राजभवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह

चेन्नई स्थित राजभवन में आयोजित एक सादे और गरिमापूर्ण समारोह में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आर. कुमार को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। आर. कुमार चेन्नई की वेलाचेरी विधानसभा सीट से विधायक हैं और उन्हें सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और डिजिटल सेवाओं के साथ-साथ अब एआई (AI) विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

केरल के ठीक एक दिन बाद लिया गया फैसला

गौरतलब है कि तमिलनाडु से ठीक एक दिन पहले पड़ोसी राज्य केरलम ने देश का पहला समर्पित एआई मंत्रालय बनाने की घोषणा की थी, जहाँ पी.के. कुन्हालीकुट्टी को इसका मंत्री बनाया गया है। केरल के इस कदम के तुरंत बाद तमिलनाडु सरकार ने भी अपने चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) के वादे को पूरा करते हुए इस मंत्रालय के गठन पर मुहर लगा दी।

क्या होंगे इस नए एआई मंत्रालय के मुख्य उद्देश्य?

तमिलनाडु सरकार के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस नए मंत्रालय का गठन राज्य को डीप-टेक (Deep-tech) और आधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में ग्लोबल हब बनाने के उद्देश्य से किया गया है। इसके तहत निम्नलिखित योजनाओं पर काम किया जाएगा:

  1. सरकारी सेवाओं में AI का उपयोग: आम जनता तक सरकारी योजनाओं और जन-सुविधाओं को बेहतर और पारदर्शी तरीके से पहुंचाने के लिए डेटा इंटीग्रेशन (Data Integration) और एआई का इस्तेमाल किया जाएगा।

  2. मुख्य एआई अधिकारियों (Chief AI Officers) की नियुक्ति: राज्य के सभी प्रमुख सरकारी विभागों में 'मुख्य एआई अधिकारी' नियुक्त किए जाएंगे, जो प्रशासनिक कार्यों में इस तकनीक के सुरक्षित और सही इस्तेमाल की निगरानी करेंगे।

  3. स्टार्टअप्स को बढ़ावा: चेन्नई और राज्य के अन्य हिस्सों में डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास किया जाएगा, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।