45 डिग्री में उबला तालाब, लाखों मछलियों की मौत

45 डिग्री में उबला तालाब, लाखों मछलियों की मौत
कांकेर (चैनल इंडिया)। कोयलीबेड़ा क्षेत्र में भीषण गर्मी के चलते पंचायत तालाब का पानी अत्यधिक गर्म हो गया, जिससे ऑक्सीजन की कमी के कारण कई क्विंटल मछलियों की मौत हो गई। इलाके में तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंच चुका है और कई तालाब सूखने की कगार पर हैं। कोयलीबेड़ा क्षेत्र में लगातार बढ़ती भीषण गर्मी अब जनजीवन के साथ-साथ पर्यावरण और जलजीवों के लिए भी गंभीर संकट बन गई है। इलाके का तापमान रिकॉर्ड 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे पूरा क्षेत्र तपती भट्टी में तब्दील हो गया। तेज धूप, झुलसाने वाली हवाओं और उमस ने लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल कर दिया है। इस भीषण गर्मी का सबसे भयावह असर अब स्थानीय जलस्रोतों में दिखाई दे रहा है, जहां अत्यधिक तापमान के कारण तालाब में बड़ी संख्या में मछलियों की मौत हो गई है।
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर कोयलीबेड़ा के मुख्य पंचायत तालाब पर पड़ा, जहां पानी का तापमान बढऩे से बड़ी संख्या में मछलियां अचानक मर गईं। तालाब में मृत मछलियों के तैरने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया। स्थानीय लोगों के अनुसार तालाब में कई क्विंटल मछलियां मृत अवस्था में पाई गईं। विशेषज्ञों के अनुसार लगातार बढ़ती गर्मी के कारण तालाब का जलस्तर तेजी से घटा है और पानी अत्यधिक गर्म हो गया है। इससे पानी में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा कम हो गई, जिसके चलते मछलियां जीवित नहीं रह सकीं। 
दुनिया के सौ सबसे गर्म शहरों में रायपुर- बिलासपुर भी
देश के साथ छत्तीसगढ़ में ग्रीष्मलहर ने लोगों को बेदम कर दिया है। आसमान से आग बरस रही है। तकरीबन सभी शहर भीषण लू की चपेट में हैं। एक्यूआई डॉट इन की लाइव ग्लोबल टेम्परेचर रैंकिंग के अनुसार, दुनिया के सौ सबसे गर्म शहरों में तकरीबन सभी भारत के हैं। यह स्थिति देश में बढ़ती गर्मी और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। रैंकिंग के मुताबिक, शीर्ष 17 शहरों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया। वहीं शीर्ष 32 शहरों में पारा 46 डिग्री तक पहुंचा। इसके अलावा 45 शहरों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सूची में सौवें स्थान तक के शहरों में भी तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के करीब बना हुआ है। जिन शहरों के नाम सूची में हैं, उनमें से अधिकतर में 25 मई तक तपिश भरी गर्मी और लू से राहत के आसार नहीं हैं। सूची में जगह बनाने के बीच गुरुवार को प्रदेश में सर्वाधिक गर्म राजधानी रायपुर का माना क्षेत्र रहा। यहां तापमान 45 डिग्री दर्ज किया गया है। यह सामान्य से 3.7 डिग्री अधिक है। जबकि रायपुर शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री अधिक 44.1 डिग्री रहा।  मौसम विभाग ने कोरबा, गरियाबंद, महासमुंद, बालोद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में एक-दो पॉकेट में हीटवेव चलने की संभावना जताई है। 
मानसून 13 जून के आसपास 20 तक पूरे प्रदेश में सक्रिय
माह के अंतिम सप्ताह में केरल तक आने वाले दक्षिण-पश्चिम मानसून की गति धीमी होने के आसार हैं। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ में अपनी सामान्य तिथि 13 जून के आसपास ही दस्तक देगा। अभी प्रदेश में ग्रीष्मलहर के हालात बने हुए हैं और बिलासपुर चपेट में आ चुका है। गुरुवार से रायपुर में भी इस तरह के हालात बनने की संभावना है। पिछले वर्षों की तरह छत्तीसगढ़ में जगदलपुर के रास्ते उसकी एंट्री अपनी सामान्य तिथि 13 के आसपास ही होगी। इसके दो से तीन दिन बाद रायपुर और संभवत: 20 जून तक अंबिकापुर पहुंचेगा।