NEET पेपर लीक केस: प्रोफेसर मनीषा 14 दिन की CBI रिमांड पर, जांच में खुल सकते हैं बड़े राज

NEET पेपर लीक केस: प्रोफेसर मनीषा 14 दिन की CBI रिमांड पर, जांच में खुल सकते हैं बड़े राज

नई दिल्ली। NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के भीतर तक पहुंच गई है। मामले में गिरफ्तार बॉटनी प्रोफेसर मनीषा मंधारे को राउज एवेन्यू कोर्ट ने 14 दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। एजेंसी का दावा है कि आरोपी प्रोफेसर की परीक्षा के असली प्रश्नपत्रों तक सीधी पहुंच थी और उसने बड़ी रकम लेकर पेपर लीक किया।

सीबीआई अब तक इस मामले में एनटीए द्वारा नियुक्त प्रश्नपत्र तैयार करने वाले दो प्रोफेसरों समेत कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक यह संगठित सिंडिकेट देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा था।

पुणे निवासी मनीषा मंधारे को मथुरा से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उससे दिल्ली में पूछताछ की और फिर विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया। अदालत में सीबीआई ने कहा कि एनटीए की पूरी परीक्षा प्रक्रिया जांच के दायरे में है और शुरुआती जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं।

सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंधारे बॉटनी और जूलॉजी प्रश्नपत्रों के अनुवाद की एक्सपर्ट थीं। इसी जिम्मेदारी के चलते उन्हें मूल प्रश्नपत्रों तक पहुंच मिली थी। एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर पेपर मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी तक पहुंचाया।

जांच में यह भी सामने आया है कि मनीषा मंधारे ने परीक्षा से पहले एक विशेष कोचिंग क्लास चलाई थी। सीबीआई का दावा है कि इस क्लास में छात्रों को वही सवाल और जवाब लिखवाए गए थे, जो बाद में NEET-UG परीक्षा में पूछे गए। एजेंसी के मुताबिक पूरा खेल बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया गया।

सीबीआई ने अदालत को बताया कि इस नेटवर्क में अंदरूनी लोग, बिचौलिए और ऐसे अभ्यर्थी शामिल थे, जिन्होंने संभावित सवाल पाने के लिए भारी रकम चुकाई थी। जांच एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की वित्तीय लेनदेन और संपर्कों की जांच कर रही है।

मामले में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने 12 मई 2026 को आधिकारिक रूप से केस दर्ज किया था। वहीं पेपर लीक विवाद के बाद अब NEET-UG परीक्षा दोबारा 21 जून को आयोजित की जाएगी।

मुख्य आरोपी पी.वी. कुलकर्णी केमिस्ट्री के प्रोफेसर बताए जा रहे हैं। वह कई वर्षों तक NEET प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समितियों में शामिल रह चुका है। सीबीआई को आशंका है कि पूछताछ में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।