छत्तीसगढ़ में नए रेल कॉरिडोर की पटरियां चोरी: किराए के मकान से 6.5 टन पटरी बरामद; पुलिस की छापेमारी देख आरोपी फरार

छत्तीसगढ़ में नए रेल कॉरिडोर की पटरियां चोरी: किराए के मकान से 6.5 टन पटरी बरामद; पुलिस की छापेमारी देख आरोपी फरार
रायपुर: राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए बिछाई जा रही नई रेलवे लाइनों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ में निर्माणाधीन नए रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट के लिए लाई गई लोहे की भारी-भरकम पटरियों की चोरी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए एक किराए के मकान से लगभग 6.5 टन वजनी चोरी की रेलवे पटरियां बरामद की हैं। हालांकि, पुलिस टीम के पहुंचने की आहट मिलते ही मुख्य आरोपी मौके से रफूचक्कर हो गया।

किराए के मकान को बनाया अवैध गोदाम, पुलिस दबिश में हुआ सनसनीखेज खुलासा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शातिर चोरों ने निर्माण स्थल से चुराई गई पटरियों को छिपाने के लिए बाकायदा एक मकान किराए पर ले रखा था, जिसे उन्होंने चोरी के माल का गुप्त गोदाम बना दिया था। आरोपी बड़ी चालाकी से निर्माण क्षेत्र से पटरियों को काटकर और उठाकर इस किराए के मकान में जमा कर रहे थे। जब स्थानीय पुलिस को इस संदिग्ध स्थान पर भारी मात्रा में लोहे की सामग्री रखे होने की सटीक सूचना मिली, तो पुलिस टीम ने तुरंत योजना बनाकर परिसर में दबिश दी। मौके से जब 6.5 टन वजनी असली रेलवे पटरियां बरामद हुईं, तो पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए।

पुलिस छापेमारी से पहले आरोपी फरार, कबाड़ माफिया और संगठित गिरोह के तार खंगाल रही पुलिस

छापेमारी के दौरान पुलिस की गाड़ियों की भनक लगते ही आरोपी मौके का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहा। पुलिस ने तुरंत पूरी सामग्री को अपने कब्जे में लेकर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और सार्वजनिक संपत्ति सुरक्षा अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इतने भारी और वजनी सामान को काटना, लोड करना और परिवहन करना किसी एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। इस वारदात के पीछे किसी संगठित कबाड़ माफिया या गिरोह का हाथ होने की पूरी आशंका है, जिसकी पहचान के लिए मुखबिरों को सक्रिय कर दिया गया है।

रेल कॉरिडोर परियोजना पर सुरक्षा का संकट, कबाड़ियों पर नकेल कसने की तैयारी

छत्तीसगढ़ में यात्री और मालगाड़ी यातायात को सुगम बनाने के लिए नए रेल कॉरिडोर का निर्माण तीव्र गति से चल रहा है। ऐसे में करोड़ों रुपये की राष्ट्रीय संपत्ति की चोरी होना न केवल निर्माण कार्य में बाधा डालता है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था की ढिलाई को भी उजागर करता है। इस गंभीर घटना के बाद पुलिस प्रशासन और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने निर्माण स्थलों के आसपास रात की गश्त बढ़ाने और क्षेत्र के संदिग्ध कबाड़ कारोबारियों की दुकानों व गोदामों की नियमित जांच करने के निर्देश जारी किए हैं।

फरार आरोपी की तलाश में पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपी को बहुत जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और इस चोरी के पीछे शामिल पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ कर चोरी का माल खरीदने वालों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।