कवर्धा: कबीरधाम (कवर्धा) जिले से घरेलू हिंसा और सनसनीखेज अपराध का एक खौफनाक मामला सामने आया है, जहां एक नवविवाहिता को उसके ससुराल वालों द्वारा कथित तौर पर आग लगाकर जिंदा जलाने का प्रयास किया गया। गंभीर रूप से झुलसी महिला को लहुलुहान और बदहवास हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पीड़िता के मायके वालों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या के प्रयास का सीधा आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर, घटना के बाद आरोपियों पर त्वरित कार्रवाई न करने को लेकर स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली भी कटघरे में खड़ी हो गई है।
दहेज और प्रताड़ना के बीच जिंदा जलाने का प्रयास, पीड़िता की स्थिति गंभीर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता की शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग किसी न किसी बात को लेकर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोप है कि घटना वाले दिन घरेलू विवाद इस कदर बढ़ा कि ससुरालियों ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए महिला पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़ककर आग के हवाले कर दिया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग पर काबू पाकर झुलसी हुई महिला को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के अनुसार महिला का शरीर काफी हद तक झुलस चुका है, जिसके चलते प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
परिजनों ने पुलिस पर लगाया लापरवाही और आरोपियों को बचाने का आरोप
इस दर्दनाक हादसे की सूचना मिलते ही पीड़िता के मायके वाले बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। परिजनों ने पुलिस प्रशासन के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। मायके पक्ष का सीधा आरोप है कि घटना की तुरंत लिखित शिकायत देने के बावजूद पुलिस मामले में लीपापोती करने में जुटी रही और आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज करने में टालमटोल करती रही। परिजनों का कहना है कि पुलिस की इसी ढिलाई का फायदा उठाकर मुख्य आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित परिवार पर शिकायत वापस लेने का अनुचित दबाव बना रहे हैं, जिससे पूरे इलाके में भारी आक्रोश व्याप्त है।
पुलिस का दावा: बयान दर्ज कर की जा रही निष्पक्ष और वैधानिक जांच
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने परिजनों द्वारा लगाए गए ढिलाई के आरोपों को खारिज करते हुए मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को अस्पताल भेजा गया था और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार पीड़िता के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयानों के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी पक्षपात के कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कवर्धा की इस खौफनाक घटना ने एक बार फिर समाज में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और पीड़ित महिला को त्वरित न्याय दिलाने की उम्मीद की जा रही है।