सरस्वती शिक्षा मंदिर में तोड़फोड़, थाने में रिपोर्ट दर्ज

सरस्वती शिक्षा मंदिर में तोड़फोड़, थाने में रिपोर्ट दर्ज

दंतेवाड़ा से राजू शर्मा की रिपोर्ट

बगैर पूर्व सूचना एवं नोटिस दिए अचानक से स्कूल खाली करने संचालक पर बनाया दबाव

गीदम। गीदम नगर पंचायत में संचालित वर्षों पुरानी सरस्वती शिक्षा मंदिर स्कूल को तोड़े जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की रिपोर्ट थाने में स्कूल संचालक द्वारा दर्ज करवा दी गई है। मंदिर कमेटी, तहसीलदार एवं कलेक्टर को भी पूरे मामले से अवगत करवाया गया है।

बच्चों के शिक्षा मंदिर को तोड़े जाने का मामला इस प्रकार है कि गीदम नगर के वार्ड क्रमांक 4 में बीते करीब 16 सालों से सरस्वती शिक्षा मंदिर का संचालन हो रहा था । जिसे 16 जून को आशा गुप्ता एवं ओमप्रकाश गुप्ता नाम के व्यक्तियों ने आकर जबरन स्कूल भवन में ताला लगा दिया और छत की सीट को तोड़ डाला। इनका कहना है कि ये मकान उनका है जिसका किराया भी वे लेते रहे हैं।मगर अब इस मकान को वे किसी अन्य को बेच दिए हैं इसलिए अब इसे खाली करना है। मकान खाली करने स्कूल संचालक मोहन चौहान को मौखिक रूप से कई बार कहा गया था लेकिन वे खाली नहीं कर रहे थे इसलिए ये कदम उठाया गया ये मकान मालिक का तर्क है।

दूसरी ओर स्कूल संचालक का कहना है कि हम वर्षों से वहां स्कूल का संचालन कर रहे हैं अभी स्कूल सत्र प्रारंभ हो रहा है। बच्चों का एडमिशन चल रहा है ऐसे में तत्काल में स्कूल खाली करना संभव नहीं है। संबंधित को सोचना चाहिए। सैंकड़ों बच्चों के भविष्य का प्रश्न है। भवन खाली करवाना था तो हमे लिखित में आवेदन देना चाहिए था हम समय लेकर भवन खाली कर देते। मगर उन्होंने हमें लिखित में खाली करने की सूचना नहीं दिया। एकाएक खाली करने कहने पर कैसे खाली किया जा सकता है स्कूल।

नजूल एवं माईजी की भूमि पर है स्कूल भवन

जिस स्कूल भवन को खाली करने को लेकर विवाद हो रहा है दरअसल प्राप्त जानकारी के मुताबिक उक्त भूमि भवन मालिक आशा गुप्ता एवं ओम प्रकाश गुप्ता की पट्टे की भूमि नहीं है । आधी जमीन नजूल में है और आधी माईजी की भूमि पर है। विवाद एवं शिकायत के बाद अब तहसीलदार एवं टेंपल कमेटी जमीन के सीमांकन के रहे हैं।