रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर पिछले 13 महीने में दो बार दर बढऩे का असर पड़ा है। 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ता के लिए दर 3.90 से बढक़र 4.40 रुपये प्रति यूनिट हो गई है। वहीं 201 से 400 यूनिट वाले उपभोक्ता के लिए दर 5.50 से बढक़र 6 रुपये प्रति यूनिट पहुंच गई। यानी इस स्लैब में 50 पैसे प्रति यूनिट ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं।
इसे 300 यूनिट वाले उपभोक्ता के उदाहरण से समझें तो जून 2025 में करीब 751 रुपये का अनुमानित बिल अब जुलाई 2026 में करीब 1172 रुपये हो गया है। यानी 421 रुपये ज्यादा। हालांकि यह पूरा अंतर सिर्फ बिजली दर बढऩे का नहीं है। इस दौरान हाफ-बिल योजना की सीमा में भी बदलाव हुआ, जिससे बिल पर अतिरिक्त असर पड़ा। 300 यूनिट की ऊर्जा लागत 1,350 रुपये से बढक़र 1,490 रुपये हुई, यानी इसमें 140 रुपये या करीब 10.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
300 यूनिट की खपत को उदाहरण मानें तो जून 2025 में ऊर्जा लागत करीब 1,350 रुपये थी। जुलाई 2025 में यह 1,390 रुपये और जुलाई 2026 में 1,490 रुपये हो गई। यानी ऊर्जा लागत में 140 रुपये की वृद्धि हुई। लेकिन कुल बिल में बदलाव इससे ज्यादा रहा, क्योंकि हाफ-बिल योजना में भी बदलाव हुआ। जून 2025 में 400 यूनिट तक राहत मिल रही थी। बाद में यह सीमा घटकर 100 यूनिट हुई, जिससे 300 यूनिट वाले उपभोक्ता का अनुमानित बिल करीब 1323 रुपये तक पहुंचा। दिसंबर 2025 में राहत 200 यूनिट तक हुई तो बिल करीब 1096 रुपये आया। जुलाई 2026 की नई दर के बाद यह करीब 1,172 रुपये हो गया।
पहली वृद्धि जुलाई 2025 में
जुलाई 2025 में बिजली की दरों में पहली बढ़ोतरी हुई। इसके बाद 0-100 यूनिट की दर 4.10 रुपये, 101-200 यूनिट की 4.20 रुपये और 201-400 यूनिट की 5.60 रुपये हो गई। यानी जून 2025 की तुलना में क्रमश: 20, 10 और 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई।
दूसरी बढ़ोतरी जुलाई 2026 में
जुलाई 2026 से फिर दरें बढ़ाई गईं। अब 0-100 यूनिट के लिए 4.40 रुपये, 101-200 के लिए 4.50 रुपये और 201-400 यूनिट के लिए 6 रुपये प्रति यूनिट देना पड़ रहा है। आयोग के अनुसार 2026-27 में सभी उपभोक्ता श्रेणियों को मिलाकर औसत टैरिफ वृद्धि 6.23 प्रतिशत है।