शीतकालीन सत्र में लाया जाएगा यूसीसी विधेयक
- कमेटी ने लिया जनप्रतिनिधियों-एक्सपर्ट से सुझाव
- सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार होगा ड्राफ्ट
रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विधानसभा के आगामी शीतकालीन सत्र में यूसीसी से संबंधित विधेयक पेश किया जाएगा।
विधेयक का प्रारूप तैयार करने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है। गुरुवार को राजधानी रायपुर के न्यू सर्किट हाउस स्थित कन्वेंशन हॉल में राज्य स्तरीय परिचयात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में करीब 200 प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और कानून विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है। समिति का उद्देश्य प्रस्तावित समान नागरिक संहिता के अलग-अलग प्रावधानों, उनके सामाजिक प्रभाव और व्यावहारिक पहलुओं पर व्यापक चर्चा करना है।
राज्य सरकार यूसीसी का मसौदा तैयार करने से पहले समाज के अलग-अलग वर्गों से सुझाव लेने की प्रक्रिया अपना रही है। समिति का प्रयास है कि कानून बनाते समय सभी समुदायों के अधिकारों, परंपराओं और सामाजिक परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए। इसके लिए धार्मिक, सामाजिक और विधिक संगठनों के प्रतिनिधियों से भी चरणबद्ध तरीके से संवाद किया जाएगा। समिति का मुख्य कार्य राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करना होगा। इसके तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही सभी समुदायों और वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुझाव तैयार किए जाएंगे।
समिति समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को सौंपेगी। इसके साथ ही वह जरूरी विधायी और प्रशासनिक सुझाव भी देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
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