रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ के 11 लोकसभा क्षेत्रों में विकास की रफ्तार और सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के फंड के इस्तेमाल को लेकर एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान प्रदेशभर में कुल 2,284 विकास कार्य मंजूर किए गए, जिनमें से अब तक केवल 895 परियोजनाएं ही धरातल पर उतर पाई हैं। फंड खर्च करने और विकास कार्यों को गति देने के मामले में रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और दुर्ग सांसद विजय बघेल सबसे आगे हैं। दोनों दिग्गजों ने दिल खोलकर फंड का उपयोग किया है और अब तक मिली कुल राशि का 82 प्रतिशत से अधिक हिस्सा खर्च कर डाला है। रायपुर में बृजमोहन अग्रवाल ने जहां 12.63 करोड़ (82.17 प्रतिशत) खर्च किए, वहीं दुर्ग में विजय बघेल ने 12.06 करोड़ (82.10 प्रतिशत) की राशि विकास कार्यों में लगाई है।
लोकसभा सांसदों को अपने क्षेत्र में विकास के लिए हर साल पांच करोड़ रुपये की निधि मिलती है। प्रशासनिक मंजूरी, टेंडर और जमीन जैसी शुरुआती प्रक्रियाओं के चलते कई बार काम समय पर शुरू नहीं हो पाते। लेकिन तीन साल में 1,389 प्रोजेक्ट्स का लंबित रहना प्रशासनिक निगरानी और क्रियान्वयन की सुस्त चाल पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। जनता अब यह टकटकी लगाए देख रही है कि आखिर ये अटके हुए काम कब तक परवान चढ़ेंगे। भोजराज नाग पिछड़े इसके विपरीत, कांकेर सांसद भोजराज नाग सांसद निधि खर्च करने और नए कार्य स्वीकृत कराने के मामले में सबसे पीछे छूट गए हैं। उनके कार्यकाल में अब तक मात्र 87 कार्य ही स्वीकृत हुए, जो 11 सांसदों में सबसे कम है। वह अपनी कुल राशि का केवल 39.46 प्रतिशत (लगभग 6.49 करोड़) ही खर्च कर पाए हैं।