युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा: खराब कोलेस्ट्रॉल और आधुनिक जीवनशैली बनी मुख्य वजह, जानिए बचाव के उपाय
Iनई दिल्ली/लाइफस्टाइल: पिछले कुछ वर्षों में देश और दुनिया भर के युवाओं के बीच अचानक दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ने की घटनाओं में तेजी से वृद्धि देखी गई है, जो चिकित्सा जगत और आम परिवारों के लिए गहरी चिंता का विषय बन गया है। पहले जहां हृदय संबंधी समस्याओं को केवल बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था, वहीं अब कम उम्र के स्वस्थ और फिट दिखने वाले युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और कार्डियोलॉजिस्ट्स की हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, युवाओं में बढ़ते इस खतरे के पीछे सबसे बड़ा कारण शरीर में 'बैड कोलेस्ट्रॉल' (एलडीएल) का स्तर बढ़ना और हमारी बदलती अस्वस्थ जीवनशैली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भागदौड़ भरी दिनचर्या, अत्यधिक मानसिक तनाव, शारीरिक श्रम की कमी, धूम्रपान, शराब का सेवन और अनियंत्रित खान-पान युवाओं के दिल की सेहत पर भारी पड़ रहे हैं। बाहर का तला-भुजा, जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से जमा होने लगता है, जो धमनियों (आर्टरीज) में रुकावट पैदा करता है। जब रक्त का संचार दिल तक सुचारू रूप से नहीं पहुंच पाता है, तो हृदय पर अत्यधिक दबाव पड़ता है, जिससे कम उम्र में ही कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक जैसी गंभीर और जानलेवा स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं।
इस गंभीर समस्या से बचाव और दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में समय रहते सकारात्मक बदलाव करना बेहद आवश्यक है। अपने आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करें, तथा अत्यधिक तेल-मसाले और फास्ट फूड से पूरी तरह दूरी बनाएं। इसके अलावा, रोजाना कम से कम 30 मिनट वॉक, योग, कार्डियो या एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और नियमित रूप से अपने कोलेस्ट्रॉल स्तर की जांच करवाते रहें, ताकि समय रहते किसी भी संभावित खतरे को रोका जा सके।
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