साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश: मुख्य सरगना समेत 3 गिरफ्तार, 1.71 लाख से अधिक लोग हुए थे शिकार

साइबर ठगी के अंतरराज्यीय नेटवर्क का बड़ा पर्दाफाश: मुख्य सरगना समेत 3 गिरफ्तार, 1.71 लाख से अधिक लोग हुए थे शिकार
मोहला: छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की खड़गांव पुलिस ने देशभर में फैले एक विशाल साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पश्चिम बंगाल से मुख्य सरगना सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में खुलासा हुआ है कि ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए एक ही वर्चुअल बैंक खाते से देशभर में 1.71 लाख से अधिक लोगों को चूना लगाया गया था और इस खाते के खिलाफ विभिन्न राज्यों में कुल 176 आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य सरगना आदित्य रजक (हुगली, पश्चिम बंगाल) तथा उसके दो साथी कृष्णा चौधरी और सुमन वर्मा (24 परगना, पश्चिम बंगाल) शामिल हैं, जिन्हें अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

पुलिस के अनुसार, मामला खड़गांव थाने में धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज अपराध क्रमांक 06/26 से जुड़ा है, जिसमें पीड़ित से 3 लाख 12 हजार 348 रुपये की ठगी कर नौ अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई थी। जांच के दौरान साइबर सेल को आरोपियों के एक वर्चुअल बैंक खाता (क्र. 211071614) का पता चला, जिसमें अकेले 60 हजार रुपये ट्रांसफर हुए थे। जब इस खाते का तकनीकी विश्लेषण किया गया तो पाया गया कि इसके तार कर्नाटक (54 एफआईआर), बिहार (46), तेलंगाना (28), उत्तर प्रदेश (10), केरल (8), महाराष्ट्र (7), हरियाणा (6), तमिलनाडु (6), दिल्ली (4), पश्चिम बंगाल (3) तथा अंडमान, अरुणाचल, मिजोरम और राजस्थान में दर्ज मुकदमों से जुड़े हैं। इसके अलावा स्वयं मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के विभिन्न थानों में इस नेटवर्क से जुड़ी 31 शिकायतें दर्ज हैं।

पुलिस की विशेष टीम ने लगातार लोकेशन बदल रहे आरोपियों को घेराबंदी कर 30 सितंबर को दबोच लिया। इस पूरी कार्रवाई में प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अब्दुल रियाज, सहायक उपनिरीक्षक धन सिंह महिलांगे, आरक्षक आशीष जोगी, नर्मदा प्रसाद पैकरा, महिला सहायक आरक्षक सरिता जाड़े और जिला साइबर सेल की सराहनीय व महत्वपूर्ण भूमिका रही।