लाइफ स्टाइल और स्वास्थ्य: पलकों पर पपड़ी जमने की समस्या को न करें नजरअंदाज, ब्लेफेराइटिस या संक्रमण का हो सकता है संकेत

लाइफ स्टाइल और स्वास्थ्य: पलकों पर पपड़ी जमने की समस्या को न करें नजरअंदाज, ब्लेफेराइटिस या संक्रमण का हो सकता है संकेत

नई दिल्ली/रायपुर: आंखों में बार-बार खुजली होना, लालिमा रहना और पलकों के किनारों पर पपड़ी जमना जैसी समस्याओं को अक्सर लोग धूल, प्रदूषण या मौसम में बदलाव का सामान्य असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ये लक्षण 'ब्लेफेराइटिस' (पलकों की सूजन), एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस, ड्राई आई या किसी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकते हैं। इस प्रकार की अनदेखी आंखों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए सही समय पर इसके कारणों की पहचान करना बेहद आवश्यक है।

पलकों के किनारों पर पपड़ी जमने और सुबह उठने पर पलकें चिपकी मिलने का प्रमुख कारण ब्लेफेराइटिस हो सकता है, जो पलकों की तेल ग्रंथियों में असंतुलन या बैक्टीरिया के कारण होता है। इसके अलावा, धूल-परागकण या सौंदर्य प्रसाधनों से होने वाली एलर्जी और आंखों का सूखापन (ड्राई आई) भी इन परेशानियों को बढ़ा सकता है। ऐसे लक्षणों के प्रकट होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के मेडिकल स्टोर से मनमाने ढंग से आई ड्रॉप या स्टेरॉयड युक्त दवाइयों का इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इससे संक्रमण और अधिक गंभीर रूप ले सकता है।

आंखों की इस समस्या से बचाव के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और चिकित्सकीय मार्गदर्शन में हल्के गर्म पानी से पलकों की सिकाई करनी चाहिए। हालांकि, यदि आंखों में तेज दर्द, अचानक धुंधलापन, अत्यधिक लालिमा या रोशनी से परेशानी जैसी स्थिति उत्पन्न हो, तो बिना किसी देरी के नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए ताकि समय रहते उचित उपचार किया जा सके।