मानसून में दरवाजों की आवाज से नहीं होंगे परेशान, घर में मौजूद इन चीजों से तुरंत मिलेगा समाधान

मानसून में दरवाजों की आवाज से नहीं होंगे परेशान, घर में मौजूद इन चीजों से तुरंत मिलेगा समाधान

 नई दिल्ली। मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत लेकर आता है, वहीं हवा में बढ़ी हुई नमी के कारण घर में कई तरह की छोटी-मोटी परेशानियां भी खड़ी हो जाती हैं। इन्हीं समस्याओं में से एक है मानसून के दौरान दरवाजों का जाम होना या उनमें से आने वाली अजीब सी आवाजें। दरअसल, बारिश के दिनों में वातावरण में उमस और नमी बहुत ज्यादा बढ़ जाती है, जिसे सोखकर लकड़ी के दरवाजे थोड़े फूल जाते हैं। इसके कारण जब भी दरवाजों को खोला या बंद किया जाता है, तो उनके कब्जों (Hinges) से एक इरिटेट करने वाली चूं-चूं की आवाज आने लगती है। इस परेशानी से निजात पाने के लिए आपको बाजार से कोई महंगा केमिकल या मैकेनिक बुलाने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, बल्कि रसोई और घर में मौजूद साधारण चीजों की मदद से इसे बेहद आसानी से ठीक किया जा सकता है।

दरवाजों की इस करारी आवाज को बंद करने का सबसे आसान और पुराना घरेलू उपाय है सरसों का तेल या नारियल का तेल। दरवाजों के कब्जों में केवल दो से तीन बूंद तेल डालने और दरवाजे को दो-चार बार आगे-पीछे घुमाने से नमी के कारण पैदा हुआ घर्षण खत्म हो जाता है और आवाज आनी तुरंत बंद हो जाती है। इसके अलावा, घर में मौजूद सूखी मोमबत्ती या नहाने वाले साबुन को कब्जों और दरवाजों के किनारों पर रगड़ने से भी एक चिकनी परत बन जाती है, जो लकड़ी को नमी से बचाती है। अगर आपके घर में टेलकम पाउडर या वैसलीन मौजूद है, तो आप उसका इस्तेमाल भी लुब्रिकेंट के तौर पर कर सकते हैं। इन छोटे और बेहद असरदार घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप बिना किसी अतिरिक्त खर्च के बारिश के इस मौसम में दरवाजों की झंझट से मुक्ति पा सकते हैं और मानसून का पूरा आनंद उठा सकते हैं।