घर की सफाई में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे यह बड़ी गलती? पुराना पोछा बन सकता है बीमारियों का घर
लाइफस्टाइल डेस्क: हम सब अपने घर को साफ, सुंदर और कीटाणुमुक्त रखने के लिए रोज पोंछा लगाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस पोंछे का इस्तेमाल आप घर चमकाने के लिए कर रहे हैं, वही आपके परिवार को बीमार करने की वजह बन सकता है? जी हां, स्वास्थ्य और हाइजीन विशेषज्ञों के अनुसार, एक पुराना या ठीक से साफ न किया गया पोंछा बैक्टीरिया और फंगस का सबसे बड़ा आश्रय स्थल बन जाता है। फर्श साफ करने के बजाय, यह पूरे घर में हानिकारक कीटाणुओं को फैला देता है।
पोंछे के रेशे (fibers) लगातार गीले रहने के कारण उनमें नमी बनी रहती है। यह नमी ई-कोलाई (E. coli) और साल्मोनेला (Salmonella) जैसे खतरनाक बैक्टीरिया के पनपने के लिए एकदम अनुकूल माहौल तैयार करती है।
पोंछे को कीटाणुमुक्त करने का सही तरीका
पोंछे को बैक्टीरिया का घर बनने से रोकने और उसकी लाइफ बढ़ाने के लिए इसे इस्तेमाल के बाद सही तरीके से धोना और सुखाना बेहद जरूरी है। इसके लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:
1.साफ पानी से धोएं:स्टेप 1.
पहचानें: कब पोंछे को बदलने का समय आ गया है?
कई लोग महीनों तक एक ही पोंछे का इस्तेमाल करते रहते हैं, जो सेहत के लिहाज से ठीक नहीं है। नीचे दी गई तालिका से समझें कि आपको अपना पोंछा कब बदल देना चाहिए:
| लक्षण | इसका क्या मतलब है? | आपको क्या करना चाहिए? |
| लगातार बदबू आना | पोंछे के रेशों में बैक्टीरिया और फंगस गहराई तक जमा हो चुके हैं। | इसे तुरंत बदलें, यह धोने से भी साफ नहीं होगा। |
| रेशों का टूटना या घिसना | पोंछे की फर्श से गंदगी और धूल चिपकाने की क्षमता खत्म हो चुकी है। | नया पोंछा या पोंछे का हेड खरीदें। |
| रंग का पूरी तरह मटमैला होना | गंदगी अंदरूनी परतों में बैठ चुकी है जो फर्श को साफ करने के बजाय गंदा करेगी। | इसे रिप्लेस करने का समय आ गया है। |
हेल्थ और हाइजीन एक्सपर्ट्स की चेतावनी:
"एक ही पोंछे को बिना डीप क्लीन किए लगातार इस्तेमाल करना त्वचा के संक्रमण, सांस की एलर्जी और पेट की बीमारियों का कारण बन सकता है। खासकर यदि घर में छोटे बच्चे या पालतू जानवर हैं, जो फर्श पर बैठते या खेलते हैं, तो पोंछे की स्वच्छता पर दोगुना ध्यान देना चाहिए। हर दो से तीन महीने में पोंछे का हेड (Mop Head) बदल देना सबसे सुरक्षित विकल्प है।"

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