27 अक्टूबर 2026 का पंचांग: मंगलवार को कार्तिक मास का शुभारंभ और तृतीया तिथि, जानिए आज का शुभ समय और राहुकाल

27 अक्टूबर 2026 का पंचांग: मंगलवार को कार्तिक मास का शुभारंभ और तृतीया तिथि, जानिए आज का शुभ समय और राहुकाल

नई दिल्ली/रायपुर: वैदिक पंचांग और धार्मिक दृष्टिकोण से 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार का दिन अत्यंत पावन और विशेष फलदायी माना गया है। आज से हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र महीनों में से एक 'कार्तिक मास' की शुरुआत हो रही है। आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी और ग्रहों के सेनापति मंगल देव को समर्पित होता है। इस दिन हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से जातकों के जीवन से सभी प्रकार के भय, संकट और ग्रहों के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।

पंचांगीय गणना के अनुसार 27 अक्टूबर 2026 को कार्तिक कृष्ण तृतीया तिथि दिनभर प्रभावी रहेगी। आज सूर्योदय प्रातः 6 बजकर 29 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 5 बजकर 39 मिनट पर दर्ज किया जाएगा। चंद्र देव आज वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे, जो चंद्रमा की उच्च राशि मानी जाती है, जिससे जातकों में मानसिक शांति और निर्णय लेने की क्षमता में वृद्धि होगी। नक्षत्रों के क्रम में आज कृतिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके साथ ही वरियान योग का शुभ संयोग बन रहा है। यह योग धार्मिक कार्यों, मंत्र सिद्धि और नए संकल्पों के लिए बेहद उत्तम माना गया है।

दिन के सबसे शुभ और सकारात्मक समय यानी अभिजीत मुहूर्त की बात करें तो 27 अक्टूबर को यह दोपहर 11 बजकर 42 मिनट से शुरू होकर 12 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। किसी भी नए कार्य की शुरुआत या मांगलिक अनुष्ठान के लिए यह समय सर्वश्रेष्ठ है। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ माना गया है, जिसमें किसी भी नए या बड़े काम का शुभारंभ करने से बचना चाहिए। मंगलवार को राहुकाल दोपहर 2 बजकर 50 मिनट से शाम 4 बजकर 15 मिनट तक रहेगा, इसलिए इस दौरान कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय न लें।

मंगलवार और कार्तिक मास के शुभारंभ के इस शुभ अवसर पर भगवान हनुमान जी को सिंदूर, चमेली का तेल और गुड़-चने का भोग लगाएं। हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करने से शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है तथा घर-परिवार में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।