नियुक्ति होने के 32 दिन बाद 25 को आएंगी
रायपुर (चैनल इंडिया)। भाजपा की नई प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी नियुक्ति होने के बाद 32 दिन बाद 25 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ आ रही हैं। उनके आने से पहले अटकलें शुरू हो गईं थीं कि मंत्रिमंडल में बदलाव होने वाला है। जबकि ऐसे कोई संकेत अभी दिल्ली से नहीं मिल रहे हैं।
इसके उलट यह जरूर है कि एजेंसी सभी मंत्रियों का एक रिपोर्ट कार्ड तैयार कर रही है। इसमें उनकी अब तक की उपलब्धियां, विभागों में चल रहे मामले, विवाद और कमियों की रिपोर्ट मांगी गई है। मंत्रियों का यह रिपोर्ट कार्ड स्मृति अपने साथ लेकर आएंगी। अभी तक तैयार हुई रणनीति के अनुसार सबसे पहले वे सांसदों से मिलेंगी। इसके बाद विधायक और अंतिम में मंत्रियों से अकेले में बातचीत होगी। एक-एक मंत्री से मिलने की योजना भी बन सकती है। निगम-मंडल के अध्यक्षों से भी बैठक करेंगी। उनके साथ सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू भी साथ आएंगे। दो दिन में वे संगठनात्मक बैठकें भी लेंगी।
जनवरी में नितिन नबीन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से पिछले नौ महीनों से प्रभारी के तौर पर उनका कोई दौरा नहीं हुआ। बिहार चुनाव के बाद वे अंतिम बार पिछले साल 28 नवंबर को छत्तीसगढ़ आए थे। इस तरह देखें तो करीब 11 महीने बाद कोई प्रभारी छत्तीसगढ़ आएगा। स्मृति केंद्रीय मंत्री और महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रही हैं। उन्हें संगठन और सत्ता दोनों का अनुभव है। उनकी पहली बैठक को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। वे मोदी के जन्मदिन पर चले एक महीने के कार्यक्रम सेवा संकल्प की समीक्षा भी करेंगी।
मंत्रिमंडल में बदलाव के संकेत
दीपावली के पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव होने के संकेत हैं। इसके बाद ही राज्य में कोई बदलाव संभव है। हालांकि दिल्ली से जुड़े सूत्रों की मानें तो 2027 में ही कोई बदलाव होंगे। केंद्रीय मंत्रिमंडल के बाद पार्टी का पूरा फोकस उप्र चुनाव पर होगा। इस चुनाव में कुछ नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी भी मिलेगी। जिनके परिणाम अच्छे आएंगे उन्हें ईनाम भी मिलेगा। जैसे बंगाल चुनाव के बाद सौरभ सिंह को झारखंड का सह प्रभारी बना दिया गया। नई प्रभारी स्मृति मंत्रियों और विधायकों का रिपोर्ट बनाएंगी, उसके बाद ही कोई बदलाव संभव हैं।