बरसात के मौसम में बीमारियों का बढ़ा खतरा : GMC जम्मू ने संक्रमण से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी
जम्मू: मानसून और बरसात के मौसम की शुरुआत के साथ ही मौसमी बीमारियों और संक्रमण (Infections) का खतरा तेजी से बढ़ जाता है। हवा में नमी और जगह-जगह जलभराव के कारण डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और त्वचा संबंधी बीमारियों के फैलने की आशंका को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज (GMC) जम्मू के स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सलाह (Health Advisory) जारी की है।
डॉक्टरों के मुताबिक, बरसात के दिनों में थोड़ी सी सतर्कता और स्वच्छता बरतकर कई गंभीर बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।
बरसात में किन बीमारियों का रहता है सबसे ज्यादा खतरा?
GMC जम्मू के डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में मुख्य रूप से तीन प्रकार के संक्रमण तेजी से फैलते हैं:
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जलजनित बीमारियां (Water-borne Diseases): दूषित पानी और खुले भोजन के सेवन से टाइफाइड, हैजा (Cholera), पीलिया (Jaundice) और डायरिया/उल्टी-दस्त का खतरा रहता है।
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मच्छर जनित बीमारियां (Vector-borne Diseases): जमा हुए पानी में पनपने वाले मच्छरों से डेंगू, मलेरिया और चिकुनगुनिया जैसी बीमारियां फैलती हैं।
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त्वचा और आंखों के संक्रमण (Skin & Eye Infections): लगातार नमी में रहने के कारण फंगल इंफेक्शन, एथलीट फुट और आंखों में कंजंक्टिवाइटिस (आई फ्लू) की समस्या बढ़ जाती है।
इम्युनिटी मजबूत करने और स्वच्छता पर जोर
GMC जम्मू के वरिष्ठ चिकित्सकों ने लोगों को अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत करने पर ध्यान देने को कहा है। इसके लिए:
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हरी पत्तेदार सब्जियां और फल अच्छी तरह धोकर ही इस्तेमाल करें।
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आहार में विटामिन-सी (जैसे नींबू, आंवला, संतरा) और घर का ताजा बना पौष्टिक भोजन शामिल करें।
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बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि इस मौसम में उनकी इम्युनिटी कमजोर हो सकती है।
???? GMC जम्मू के डॉक्टरों की चेतावनी:
"बरसात के मौसम में किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें। यदि आपको दो दिन से अधिक तेज बुखार, बदन दर्द, उल्टी-दस्त, आंखों में लालिमा या त्वचा पर चकत्ते (Rashes) महसूस हों, तो खुद से दवा (Self-medication) लेने के बजाय तुरंत जीएमसी जम्मू या अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज से स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सकता है।"

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