इलेक्ट्रिक शॉक लगने पर तुरंत करें ये काम: जानें जान बचाने वाले जरूरी उपाय और सावधानियां

इलेक्ट्रिक शॉक लगने पर तुरंत करें ये काम: जानें जान बचाने वाले जरूरी उपाय और सावधानियां
नई दिल्ली : घरों या कार्यस्थलों पर शॉर्ट सर्किट, खराब वायरिंग अथवा बारिश के मौसम में नमी के कारण इलेक्ट्रिक शॉक (बिजली का झटका) लगना एक बेहद गंभीर और जानलेवा आपातकालीन स्थिति हो सकती है। बिजली का झटका लगते ही सही समय पर सही कदम न उठाने से व्यक्ति की जान भी जा सकती है। ऐसी आपात स्थिति में घबराने के बजाय समझदारी और सतर्कता से उठाए गए कदम पीड़ित की जान बचा सकते हैं।

यदि आपके सामने किसी व्यक्ति को बिजली का झटका लगता है, तो सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम पावर सप्लाई को तुरंत बंद करना है। इसके लिए घर या इमारत का मेन स्विच (MCB) तुरंत बंद कर दें अथवा उपकरण के प्लग को सॉकेट से बाहर निकालें। यदि मेन स्विच बंद करना संभव न हो, तो पीड़ित को बिजली के स्रोत से सुरक्षित रूप से अलग करने के लिए किसी सूखी लकड़ी की छड़, प्लास्टिक के पाइप या सूखे कपड़े का उपयोग करें। इस दौरान खुद को सुरक्षित रखने के लिए पैरों में रबर की चप्पल पहनें या सूखे लकड़ी के बोर्ड पर खड़े हों और कभी भी पीड़ित को नंगे हाथों या गीली वस्तुओं से न छुएं।

पीड़ित को करंट के स्रोत से अलग करने के तुरंत बाद 108 या निकटतम मेडिकल इमरजेंसी को कॉल करें। यदि पीड़ित सांस नहीं ले पा रहा हो या उसकी धड़कन बंद लगे और आप प्रशिक्षित हैं, तो तुरंत सीपीआर (CPR) देना शुरू करें। व्यक्ति को किसी समतल और हवादार स्थान पर लिटाएं और उसे शांत रखने के प्रयास के साथ कंबल या सूखे कपड़े से ढकें ताकि उसके शरीर का तापमान सामान्य बना रहे। ध्यान रहे कि ऐसी स्थिति में पीड़ित को तुरंत कुछ भी खाने या पीने के लिए न दें और भले ही स्थिति सामान्य दिखे, फिर भी डॉक्टरी जांच कराना बेहद अनिवार्य होता है।

बिजली के खतरों से बचाव के लिए दैनिक जीवन में कुछ बुनियादी सावधानियां बरतना भी बेहद आवश्यक है। कभी भी गीले हाथों या नंगे पैर बिजली के स्विचों व उपकरणों को न छुएं। घर की कटी-फटी वायरिंग या ढीले सॉकेट्स की तुरंत किसी कुशल इलेक्ट्रिशियन से मरम्मत कराएं और हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले एमसीबी तथा सही अर्थिंग का इस्तेमाल करें। इसके अलावा छोटे बच्चों को बिजली के खतरों से बचाने के लिए निचले सॉकेट्स पर सेफ्टी कवर अवश्य लगाएं।