पुलिस ने 24 घंटे में 3 आरोपियों को दबोचा
दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से अंधविश्वास के चलते हिंसा और हत्या की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। यहां जादू-टोना और टोना-टोटका करने के संदेह में तीन लोगों ने मिलकर एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही एक्शन मोड में आई दंतेवाड़ा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वारदात के महज 24 घंटे के भीतर सभी तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
बीमारी और परेशानी का जिम्मेदार मानकर किया जानलेवा हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक वारदात जिले के ग्रामीण इलाके में घटित हुई। गांव के ही कुछ लोग काफी समय से पीड़ित बुजुर्ग पर जादू-टोना करने का संदेह जता रहे थे। आरोपियों का मानना था कि उनके परिवार में आ रही स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और अन्य परेशानियों के पीछे बुजुर्ग का ही हाथ है। इसी रंजिश और अंधविश्वास के वशीभूत होकर तीनों आरोपियों ने लाठी-डंडों से लैस होकर बुजुर्ग पर अचानक जानलेवा हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपी सलाखों के पीछे
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और फॉरेंसिक टीम व स्थानीय बल के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने त्वरित घेराबंदी और सघन पतासाजी करते हुए 24 घंटे के भीतर ही तीनों नामजद आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
आरोपियों के खिलाफ हत्या और अंधविश्वास निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने जादू-टोने के संदेह में बुजुर्ग की हत्या करने का जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे और अन्य साक्ष्य भी बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों से अंधविश्वास जैसी कुरीतियों से दूर रहने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।