डायल-112 की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को मिला नेक्स्ट जेनरेशन प्रशिक्षण, 125 से अधिक कर्मचारी हुए प्रशिक्षित

डायल-112 की इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम को मिला नेक्स्ट जेनरेशन प्रशिक्षण, 125 से अधिक कर्मचारी हुए प्रशिक्षित

रायपुर। राजधानी रायपुर में नागरिक सुरक्षा सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं त्वरित बनाने की दिशा में पुलिस कमिश्नरेट द्वारा “डायल-112 फेस-02 नेक्स्ट जेनरेशन” परियोजना के तहत एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिविल लाइन्स स्थित C-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित इस प्रशिक्षण में रायपुर कमिश्नरेट एवं रायपुर ग्रामीण क्षेत्र की 54 इमर्जेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ERV) में तैनात पुलिस कर्मचारी एवं चालक शामिल हुए। कार्यक्रम से 125 से अधिक कर्मचारियों ने लाभ प्राप्त किया।

पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले ने की। उन्होंने कर्मचारियों को इमरजेंसी परिस्थितियों में रिस्पांस टाइम के महत्व की जानकारी देते हुए त्वरित कार्रवाई और सतर्कता बनाए रखने पर जोर दिया।

डायल-112 की नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) डॉ. अर्चना झा ने फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी हर परिस्थिति में मुस्तैदी से नागरिकों की सहायता कर रहे हैं। उन्होंने ड्यूटी के दौरान आवश्यक सावधानियों और व्यवहारिक पहलुओं की भी जानकारी दी।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ईआरवी स्टाफ एवं चालकों को मेडिकल इमरजेंसी, आगजनी, कानून-व्यवस्था संबंधी घटनाओं तथा अन्य आकस्मिक परिस्थितियों में बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए तैयार करना था।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (पश्चिम जोन) राहुल देव शर्मा ने रायपुर कमिश्नरेट की नई व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए कानून-व्यवस्था ड्यूटी में सतर्कता और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शहर में ईआरवी वाहनों की बेहतर विजिबिलिटी और त्वरित तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

भीषण गर्मी को देखते हुए आगजनी प्रबंधन विषय पर अग्निशमन केंद्र टिकरापारा के स्टेशन प्रभारी निरीक्षक लिलेश्वर सिंह राजपूत एवं उनकी टीम ने व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान आग लगने की स्थिति में तत्काल बचाव एवं नियंत्रण के तरीकों की जानकारी साझा की गई।

वहीं मेडिकल इमरजेंसी सत्र में डॉ. सार्थक नंदा और उनकी टीम ने प्राथमिक उपचार, गर्भवती महिलाओं की सहायता और सीपीआर (CPR) तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में जीवनरक्षक उपायों की ट्रेनिंग दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान ईआरवी कर्मचारियों ने ड्यूटी के दौरान आने वाली विभिन्न चुनौतियों और परिस्थितियों को लेकर विशेषज्ञों से सवाल पूछे तथा अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी आपातकालीन या संकट की स्थिति में बिना संकोच डायल-112 सेवा का उपयोग करें। पुलिस विभाग नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए चौबीसों घंटे तत्पर है।