1 अक्टूबर पंचांग: आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और षष्ठी का श्राद्ध, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल व धार्मिक महत्व

1 अक्टूबर पंचांग: आश्विन कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि और षष्ठी का श्राद्ध, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल व धार्मिक महत्व

नई दिल्ली: 1 अक्टूबर 2026, गुरुवार को विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि है। पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के पावन अवसर पर आज षष्ठी तिथि का श्राद्ध संपन्न किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जिन पूर्वजों का देहावसान षष्ठी तिथि को हुआ था, उनके निमित्त जल, तिल और कुशा से तर्पण, पिंडदान तथा ब्राह्मण भोज कराने का विशेष विधान है। गुरुवार का दिन होने के कारण आज देवगुरु बृहस्पति और भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना अत्यंत फलदायी मानी जाती है, जिससे परिवार में सुख, समृद्धि और ज्ञान का विस्तार होता है।

पंचांग के अनुसार, आज मृगशिरा नक्षत्र और सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जो धार्मिक अनुष्ठानों, जप और तर्पण के लिए अत्यंत शुभ फलदायी है। आज के शुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:47 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा, जिसमें किया गया कोई भी धार्मिक कार्य या पितृ पूजन अक्षय पुण्य प्रदान करता है। वहीं, किसी भी नए या मांगलिक कार्य में विघ्न से बचने के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है; आज का राहुकाल दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे तक रहेगा, जिसके दौरान शुभ या नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में षष्ठी तिथि के दिन भगवान विष्णु और पितरों का ध्यान करते हुए पीले वस्त्र, चने की दाल और गुड़ का दान करने से गुरु ग्रह मजबूत होता है तथा पितृ दोष शांत होते हैं। आज के दिन "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जाप करने से जीवन की समस्त बाधाएं दूर होती हैं और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।