नई दिल्ली: 24 अगस्त 2026 (सोमवार) का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी और पवित्र माना गया है। सोमवार का दिन देवों के देव महादेव (भगवान शिव) को समर्पित होता है। आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी/त्रयोदशी तिथि का पावन योग बन रहा है। इस दिन भोलेनाथ का जलाभिषेक और पूजन करने से मन को शांति मिलती है, कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है और सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है।
| पंचांग अंग |
विवरण |
| दिनांक |
24 अगस्त 2026 |
| वार (दिन) |
सोमवार |
| माह |
भाद्रपद |
| पक्ष |
शुक्ल पक्ष |
| तिथि |
द्वादशी (तत्पश्चात त्रयोदशी) |
| नक्षत्र |
उत्तराषाढ़ा (तत्पश्चात श्रवण) |
| योग |
सौभाग्य योग |
| करण |
बालव तत्पश्चात कौलव |
सूर्योदय, चंद्रोदय और सूर्य-चंद्र राशि
शुभ एवं अशुभ समय
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अभिजीत मुहूर्त (सर्वश्रेष्ठ समय): दोपहर 11:57 बजे से 12:48 बजे तक (किसी भी नए काम की शुरुआत, पूजा या निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ)
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अमृत काल: सुबह 06:20 बजे से 07:55 बजे तक
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राहुकाल (अशुभ समय): सुबह 07:32 बजे से 09:09 बजे तक (इस समय दौरान कोई भी नया या मांगलिक कार्य न करें)
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दिशाशूल: पूर्व दिशा (यदि पूर्व दिशा की ओर यात्रा अनिवार्य हो तो घर से निकलने से पहले थोड़ा दर्पण देखकर या दूध पीकर निकलें)
आज के विशेष उपाय
सोमवार के दिन प्रातःकाल स्नान के बाद तांबे के लोटे में जल, दूध और गंगाजल मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें। ओम नमः शिवाय मंत्र का 108 बार जाप करें और भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा व सफेद मिठाई का भोग लगाएं। यदि संभव हो तो किसी जरूरतमंद को सफेद वस्तुएं (जैसे चावल, दूध या चीनी) दान करें। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।