PWD सचिव की सख्ती: दिसंबर तक सड़क-पुल के काम पूरे करने के निर्देश, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट

PWD सचिव की सख्ती: दिसंबर तक सड़क-पुल के काम पूरे करने के निर्देश, लापरवाही पर ठेकेदार होंगे ब्लैकलिस्ट

रायपुर। बस्तर संभाग में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। PWD सचिव मुकेश कुमार बंसल ने विभागीय अधिकारियों, अभियंताओं और ठेकेदारों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने भारत सरकार के RRP और RCPLWEA के तहत चल रहे सड़क और पुल-पुलियों के कार्यों को दिसंबर 2026 तक पूरा करने के निर्देश दिए।

काम में तेजी नहीं आई तो कार्रवाई

नवा रायपुर स्थित PWD मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में हुई बैठक में सचिव ने बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों में चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ठेकेदारों को 10 सितंबर तक काम में अपेक्षित प्रगति दिखाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन ठेकेदारों के काम में निर्धारित समय के अनुसार प्रगति नहीं मिलेगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर अनुबंध निरस्त करने और ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए।

हर 15 दिन में होगी निर्माण कार्यों की समीक्षा

PWD सचिव ने अधिकारियों को सभी निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण करने और हर 15 दिन में कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा। मैदानी अधिकारियों को सप्ताह में दो से तीन दिन निर्माण स्थलों का दौरा कर सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान ठेकेदारों से निर्माण कार्यों में आ रही समस्याओं की जानकारी भी ली गई। सचिव ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए, ताकि काम निर्धारित समयसीमा में पूरा हो सके।

प्लांट और मशीनरी नहीं लगाने वालों पर कार्रवाई

मुकेश कुमार बंसल ने ठेकेदारों को अनुबंध के अनुसार निर्माण स्थलों पर आवश्यक प्लांट और मशीनरी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन ठेकेदारों द्वारा आवश्यक संसाधन नहीं लगाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

साथ ही अधिकारियों को निर्माण कार्यों की जांच के बाद ठेकेदारों के लंबित भुगतान नियमित रूप से करने के निर्देश दिए गए।

सड़क और पुलों से जुड़ी नई परियोजनाओं की भी समीक्षा

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। द्रुतगामी सड़कों और पहुंचविहीन गांवों को मुख्य मार्गों से जोड़ने के लिए प्रस्तावित सड़कों एवं पुलों के प्राक्कलन की प्रगति की जानकारी ली गई।

स्वीकृत नए कार्यों में भू-अर्जन और वन व्यपवर्तन से जुड़े लंबित मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि इन मामलों का उच्च स्तर पर निराकरण कराया जा सके।

बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत पर जोर

बैठक में बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत को लेकर भी निर्देश दिए गए। सचिव ने 30 सितंबर तक पेच रिपेयर के लिए एजेंसियों के निर्धारण की निविदा प्रक्रिया पूरी करने को कहा।

उन्होंने सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने और परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की मरम्मत ठेकेदारों से तत्परता से कराने के निर्देश दिए। वहीं बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत का काम वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद सर्वोच्च प्राथमिकता से कराने को कहा।

लंबित प्रशासनिक मामलों के निपटारे के निर्देश

PWD सचिव ने निर्माण कार्यों, आयोजनों और कार्यक्रमों से जुड़े बिलों का भुगतान एक महीने के भीतर सुनिश्चित करने को कहा। इसके अलावा अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई।

उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और लोक सेवा गारंटी से जुड़े प्रकरणों का निर्धारित समयसीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक में PWD के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, उप सचिव अंशिका पाण्डेय, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एम.एल. उरांव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता टी.आर. कुंजाम समेत बस्तर संभाग के सभी 9 संभागों के कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी मौजूद रहे।