रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश में मतदाता सूची में छूटे पात्र लोगों और पहली बार वोट देने वाले युवाओं के नाम जोडऩे के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मौजूदा मतदाता सूची का प्री-एसआईआर सूची से मिलान करेंगे। इसमें उन मतदाताओं की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पहले की सूची में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान सूची में नहीं हैं। इसके बाद बीएलओ घर-घर पहुंचकर संबंधित मतदाताओं की स्थिति का सत्यापन करेंगे। पात्र पाए जाने पर फार्म-6 के जरिए नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल कराया जाएगा। आयोग ने बीएलओ को हर सप्ताह कम से कम 20 से 25 ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने और करीब एक महीने में यह प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य दिया है।
तैयार बूथवार सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट के साथ साझा की जाएगी। फार्म -6 और सत्यापन रिपोर्ट संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी को भेजी जाएगी। इसके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। इसके साथ ही बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। रैन बसेरों, मजदूर कॉलोनियों, बेघर और वंचित लोगों के नाम जोडऩे पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान का प्रचार स्वीप गतिविधियों के जरिए होगा।
18 साल पूरे कर चुके युवाओं पर भी फोकस
घर-घर सत्यापन के दौरान ऐसे लोगों की भी पहचान की जाएगी, जो मतदाता बनने की पात्रता पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब तक उनका नाम सूची में नहीं जुड़ा है। 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं और पहली बार मतदान करने वालों से फॉर्म-6 भरवाया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता पंजीकरण सतत प्रक्रिया है और पात्र व्यक्ति नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं।