व्यापारियों की चिंताओं पर सरकार का सकारात्मक रुख, ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान वापस

व्यापारियों की चिंताओं पर सरकार का सकारात्मक रुख, ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान वापस

रायपुर। देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के नेशनल वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन जितेन्द्र दोशी, विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन सुरिन्दर सिंह, जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राजेन्द्र जग्गी, वासु माखीजा, राम मंधान, भरत जैन, राकेश ओचवानी एवं शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि ₹2,000 से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित 0.40 प्रतिशत मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर देशभर के व्यापारिक संगठनों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बीच आज नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ व्यापारिक नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक हुई।

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चैक सांसद प्रवीन खंडेलवाल के नेतृत्व में देश के विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से मुलाकात कर प्रस्तावित MDR के संभावित प्रभावों से अवगत कराया। बैठक में कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया, ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स फेडरेशन (AICPDF) के अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल, ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) के चेयरमैन कैलाश लाखयानी तथा ऑल इंडिया ज्वैलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के अध्यक्ष पंकज अरोड़ा सहित विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले अनेक प्रमुख व्यापारिक नेता शामिल थे।

बैठक के बाद ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स फेडरेशन (AICPDF) और ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने 2 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित “नो यूपीआई डे” के आह्वान को वापस लेने का निर्णय किया है। CAIT ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार और व्यापारिक संगठनों के बीच संवाद के माध्यम से समाधान की दिशा में आगे बढ़ना सकारात्मक संकेत है।

CAIT के राष्ट्रीय वाईस चेयरमेन अमर पारवानी ने कहा कि व्यापार जगत डिजिटल भुगतान और न्च्प् की सफलता का पूर्ण समर्थन करता है। UPI ने देश में डिजिटल भुगतान को नई गति दी है और व्यापारियों तथा ग्राहकों दोनों के लिए भुगतान को सरल एवं सुविधाजनक बनाया है। ऐसे में व्यापारियों पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है।

अमर पारवानी ने कहा कि छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के लिए भुगतान की लागत सीधे उनके व्यवसाय की लाभप्रदता से जुड़ी होती है। इसलिए किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने से पहले व्यापारिक संगठनों के साथ व्यापक विचार-विमर्श और उसके व्यावहारिक प्रभावों का आकलन आवश्यक है।

CAIT के प्रदेश अध्यक्ष परमानंद जैन ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं वित्त मंत्रालय द्वारा व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने तथा सभी हितधारकों के हितों को ध्यान में रखने के आश्वासन का स्वागत किया है।

CAIT का मानना है कि डिजिटल इंडिया और न्च्प् की सफलता व्यापारियों की सक्रिय भागीदारी से ही और मजबूत होगी। सरकार एवं व्यापारिक संगठनों के बीच निरंतर संवाद से ऐसा संतुलित एवं व्यावहारिक समाधान निकलेगा, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और देश के करोड़ों व्यापारियों एवं डैडम् उद्यमियों के हित भी सुरक्षित रहेंगे।