रायपुर: प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) के मामलों की आशंका और मौसमी बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग व अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मरीजों को समय पर बेहतर व त्वरित इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा) में स्वाइन फ्लू पीड़ितों के लिए 10 बेड का एक अलग (आइसोलेशन) वार्ड स्थापित किया गया है। इस वार्ड में ऑक्सीजन सुविधा से लेकर वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
ऑक्सीजन और वेंटिलेटर से लैस वार्ड, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, स्वाइन फ्लू के संदिग्ध और पुष्टि वाले मरीजों को सामान्य रोगियों से अलग रखने के लिए संक्रमण नियंत्रण (Infection Control) के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। नवगठित 10 बेड के इस आइसोलेशन वार्ड में जीवन रक्षक उपकरण, जैसे मल्टी-पैरा मॉनिटर, वेंटिलेटर और निरंतर ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, मरीजों की 24 घंटे निरंतर देखभाल के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों, मेडिकल अधिकारियों और ट्रेंड नर्सिंग स्टाफ की रोस्टर अनुसार ड्यूटी लगाई गई है।
नि:शुल्क जांच व दवाओं की व्यवस्था, डॉक्टरों ने दी सतर्कता की सलाह
मेडिकल कॉलेज में आने वाले संभावित मरीजों के लिए स्वाइन फ्लू की जांच और आवश्यक एंटीवायरल दवाओं की उपलब्धता पूरी तरह नि:शुल्क सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, शरीर में तेज दर्द और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई देने पर इसे सामान्य मौसमी बदलाव समझकर नजरअंदाज न करें। किसी भी प्रकार के लक्षण मिलने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या मेडिकल कॉलेज पहुंचकर डॉक्टरी सलाह लें, ताकि समय रहते इलाज शुरू किया जा सके।