रायपुर (चैनल इंडिया)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर तीखा राजनीतिक प्रहार करते हुए कहा है कि देश के लोकतंत्र को सबसे बड़ा खतरा उन लोगों से है, जिन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बार-बार लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्थाओं को कमजोर करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र का गला घोंटा, विपक्षी नेताओं को जेलों में डाला और मीडिया की स्वतंत्रता छीन ली, आज वही कांग्रेस लोकतंत्र बचाने की बात कर रही है। यह अपने आप में बेहद हास्यास्पद और कांग्रेस की दोहरी राजनीति का परिचायक है। मीडिया से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस का इतिहास लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनादेश के प्रति उसके वास्तविक रवैये को उजागर करता है। आपातकाल के दौरान कांग्रेस ने देश के गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेलों में डालने और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता अपनी चुनावी पराजय को स्वीकार करने के बजाय संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करते हैं। कभी वोट चोरी का आरोप लगाते हैं, कभी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पर प्रश्नचिह्न लगाते हैं और कभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) तथा निर्वाचन आयोग को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन की इसी दोहरी राजनीति को जनता के सामने उजागर करने तथा लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि लोकतंत्र की रक्षा की बात करने वालों का अपना राजनीतिक इतिहास क्या रहा है।
सीबीआई की पूछताछ से सामने आ सकते हैं कई बड़े नाम
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकरण के मुख्य अभियुक्त सौरभ चंद्राकर को विदेश से लाया गया है। अब सीबीआई उससे पूछताछ करेगी, जिससे इस पूरे मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने संभावना जताई कि जांच के दौरान इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी उजागर हो सकती है।