डीजीपी ने रतनपुर व पुलिस कमिश्नर ने टिकरापारा थाने को लिया गोद

डीजीपी ने रतनपुर व पुलिस कमिश्नर ने टिकरापारा थाने को लिया गोद
रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अलग-अलग थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह पहल पिछले वर्ष नया रायपुर में आयोजित 60 वीं अखिल भारतीय डीजीपी-आईजीपी कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। 
इसके तहत राज्य के 125 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग थाने गोद लेने की जिम्मेदारी दी गई है। इस व्यवस्था के तहत पुलिस मुख्यालय स्तर के अधिकारी अब अपने-अपने गोद लिए गए थानों की कार्यप्रणाली, पुलिसिंग और क्षेत्रीय गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेंगे, खास बात यह है कि डीजीपी अरुणदेव गौतम ने बिलासपुर जिले के रतनपुर थाने को गोद लिया है। इससे रतनपुर क्षेत्र की पुलिसिंग में सुधार और निगरानी को लेकर विशेष उम्मीदें जुड़ी हैं। 
थाना गोद लेने की इस योजना का मुख्य उद्देश्य बीट पुलिसिंग को मजबूत करना और पुलिस की जमीनी मौजूदगी बढ़ाना है। अधिकारियों की निगरानी में बीट स्तर पर संदिग्ध गतिविधियों, नए लोगों की आवाजाही और अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही पुलिस-जन संवाद और सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा। थानों में रिकॉर्ड संधारण, मालखानों की व्यवस्था, लंबित अपराधों और शिकायतों के त्वरित निराकरण को प्राथमिकता दी जाएगी। पुलिस कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने और उनकी कार्यप्रणाली की समीक्षा भी इस योजना का हिस्सा होगी।
अधिकारियों के गोद लिए थाने :
अरुण देव गौतम: रतनपुर, बिलासपुर
एआरपी कल्लूरी: कोतवाली बस्तर
प्रदीप गुप्ता: तुमगांव, महासमुंद
विवेकानंद: चारामा, कांकेर
दीपांशु काबरा: कोतवाली अंबिकापुर
अमित कुमार: लालबाग, राजनांदगांव
डॉ. आनंद छाबड़ा: घरघोड़ा, रायगढ़
ओपी पाल: बिलाईगढ़, सारंगढ़
अजय यादव: पथरिया, मुंगेली
संजीव शुक्ला: टिकरापारा, रायपुर
अमरेश मिश्रा: हदहद/हदबंद, बलौदाबाजार
बीएन मीणा: गुंडरदेही, बालोद
रामगोपाल गर्ग: डभरा, सक्ती
अजातशत्रु सिंह: कोतवाली, महासमुंद