एसी की ठंडी हवा और कम फिजिकल एक्टिविटी पहुंचा सकती है फेफड़ों को नुकसान, जानें बचाव के तरीके
नई दिल्ली: आजकल की आधुनिक जीवनशैली में एयर कंडीशनर (AC) हमारी दिनचर्या का अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस हो या घर, लोग घंटों एसी की ठंडी हवा में बैठना पसंद करते हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि एसी का अत्यधिक इस्तेमाल और शारीरिक गतिविधि (Physical Activity) की कमी सीधे तौर पर हमारे श्वसन तंत्र (Respiratory System) और फेफड़ों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। बंद कमरे में लगातार एसी चलाने से कमरे की नमी खत्म हो जाती है, जिससे सूखी हवा फेफड़ों के लिए हानिकारक साबित होती है।
मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, एसी की ड्राई एयर श्वास नली को सुखा देती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ, गले में खराश, सूखी खांसी और अस्थमा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अलावा, जब हम एसी वाले वातावरण में घंटों बिना किसी शारीरिक हलचल के बैठे रहते हैं, तो फेफड़ों की कार्यक्षमता (Lung Capacity) धीरे-धीरे कम होने लगती है। एसी के फिल्टरों में जमे बैक्टीरिया और फंगस भी हवा के साथ सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर इन्फेक्शन और एलर्जी का खतरा बढ़ा देते हैं।
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है। सबसे पहले, एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रखें ताकि हवा अत्यधिक शुष्क न हो। लगातार एसी में बैठने के बजाय बीच-बीच में वॉक करें और प्राणायाम या योग जैसे श्वसन व्यायाम (Breathing Exercises) को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। साथ ही, एसी के फिल्टर की नियमित सफाई कराएं और शरीर में नमी बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। इन छोटी-छोटी आदतों को अपनाकर आप फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
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