वन विभाग में रेंजर की नौकरी लगाने के नाम पर 8 लाख की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

वन विभाग में रेंजर की नौकरी लगाने के नाम पर 8 लाख की ठगी, तीन आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग। वन विभाग में रेंजर के पद पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर 8 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में भिलाई भट्ठी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने नौकरी दिलाने का भरोसा देने के लिए पीड़ित को मंत्रालय से जारी होने वाला नियुक्ति प्रमाण पत्र बताकर कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र भी सौंपा था। पुलिस ने पूछताछ के बाद तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

नौकरी के नाम पर लिए 8 लाख रुपये

पुलिस के मुताबिक, भिलाई सेक्टर-2 निवासी दिनेश कुमार ने 9 अगस्त को भिलाई भट्ठी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उनके बेटे को वन विभाग में रेंजर के पद पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन आरोपियों ने उनसे कुल 8 लाख रुपये लिए थे।

आरोपियों ने रकम लेने के बाद दिनेश का भरोसा कायम रखने के लिए मंत्रालय से जारी नियुक्ति प्रमाण पत्र बताकर एक कथित फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र भी दिया।

तीन साल तक करते रहे टालमटोल

शिकायत के अनुसार, जब लंबे समय तक बेटे की नौकरी नहीं लगी तो दिनेश ने आरोपियों से रकम वापस मांगनी शुरू की। इस पर कांकेर निवासी भारतेंदु मेश्राम कथित तौर पर पिछले करीब तीन साल से रकम लौटाने के नाम पर टालमटोल करता रहा।

लगातार देरी होने के बाद दिनेश को अपने साथ धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने भिलाई भट्ठी थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।

जांच के बाद तीनों आरोपी गिरफ्तार

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और भारतेंदु मेश्राम, हनी श्रेष्ठ और भोजेंद्र कुमार को हिरासत में लिया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद तीनों को 11 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

पुलिस अब मामले में फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र तैयार करने और ठगी की रकम के इस्तेमाल समेत अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।