Big News : छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 24 घंटे में 130 मिमी पानी, इंद्रावती खतरे के निशान के करीब, बस्तर में स्कूल बंद

Big News : छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, 24 घंटे में 130 मिमी पानी, इंद्रावती खतरे के निशान के करीब, बस्तर में स्कूल बंद

रायपुर/जगदलपुर। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के असर से छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका सबसे ज्यादा असर बस्तर संभाग में देखने को मिल रहा है। बुधवार से शुरू हुई झमाझम बारिश गुरुवार को भी दिनभर जारी रही। लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित है और कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए बस्तर संभाग के जगदलपुर, बीजापुर, कोंडागांव, सुकमा और नारायणपुर में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।

जगदलपुर में 130 मिमी बारिश, सड़कें डूबीं

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार सुबह 8 बजे से गुरुवार रात 8 बजे तक जगदलपुर में करीब 130 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके बाद शहर के कई मुख्य मार्ग और निचले इलाके जलमग्न हो गए। धरमपुरा मार्ग पर बिनाका मॉल के पास सड़क पर पानी भरने से लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई।

ग्रामीण इलाकों में स्थिति और गंभीर है। दरभा, लोहंडीगुड़ा और बास्तानार ब्लॉक के कई अंदरूनी गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है। लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।

6.30 मीटर पहुंचा इंद्रावती का जलस्तर

बारिश के चलते इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पुराना पुल स्थित गेज साइट पर जलस्तर 6.30 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से करीब आधा मीटर नीचे है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है। ऐसे में नदी के वार्निंग लेवल पार करने की आशंका बनी हुई है।

कलेक्टर ने संभाली कमान, संवेदनशील इलाकों में मुनादी

बिगड़ते मौसम को देखते हुए कलेक्टर आकाश छिकारा ने आपातकालीन बैठक लेकर मैदानी अमले, तहसीलदारों और पुलिस अधिकारियों को फील्ड में रहने के निर्देश दिए हैं। तटीय गांवों और संवेदनशील बस्तियों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।

जहां पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बह रहा है, वहां बैरिकेड्स लगाकर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाने की अपील की है।