51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 41 लाख पर नहीं होगा महंगी बिजली का असर

51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 41 लाख पर नहीं होगा महंगी बिजली का असर

रायपुर (चैनल इंडिया)। प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न राहत योजनाओं के कारण बिजली की बढ़ी दरों का घरेलू उपभोक्ताओं पर सीमित प्रभाव ही पड़ेगा। प्रदेश के करीब 51 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से 41 लाख को इन योजनाओं के कारण राहत का लाभ मिलेगा। प्रदेश में 14.5 लाख बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक बिजली निश्शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार वहन कर रही है। इसके अलावा 26.5 लाख परिवारों को 200 यूनिट तक की खपत पर 50 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

8.65 लाख कृषि उपभोक्ताओं के लिए ऊर्जा प्रभार में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है, लेकिन इसकी प्रतिपूर्ति राज्य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में किए जाने के कारण किसानों पर इसका अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। कृषि पंपों के स्थायी प्रभार को भी यथावत रखा गया है। 12 मार्च 2026 से मुख्यमंत्री बिजली बिल समाधान योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को बकाया बिजली बिलों में विशेष राहत दी जा रही है।

औद्योगिक निवेश और रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए स्टील उद्योगों को लोड फैक्टर पर मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट को पूर्ववत जारी रखा गया है। ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित पीएम सूर्यघर योजना का प्रदेश में तेजी से क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक लगभग 66 हजार उपभोक्ता इस योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें से 16 हजार परिवारों का बिजली बिल शून्य हो गया है। 10 किलोवाट से अधिक भार वाले घरेलू, गैर-घरेलू, औद्योगिक व सार्वजनिक उपयोगिता के उपभोक्ताओं को आफ-पीक समय (सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक) बिजली उपयोग पर पांच प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। वहीं, पीक समय में पांच प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किया गया है।