2 अक्टूबर पंचांग: आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और सप्तमी का श्राद्ध, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल व धार्मिक महत्व

2 अक्टूबर पंचांग: आश्विन कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि और सप्तमी का श्राद्ध, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल व धार्मिक महत्व

नई दिल्ली: 2 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को विक्रम संवत 2083 और शक संवत 1948 के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) के पावन अवसर पर आज सप्तमी तिथि का श्राद्ध संपन्न किया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन जिन पूर्वजों का निधन सप्तमी तिथि को हुआ था, उनके निमित्त जल, तिल और कुशा से तर्पण, पिंडदान तथा ब्राह्मण भोज कराने का विशेष विधान है। शुक्रवार का दिन होने के कारण आज धन की देवी मां लक्ष्मी और भगवान श्री हरि विष्णु की उपासना अत्यंत फलदायी मानी जाती है, जिससे परिवार में सुख, समृद्धि और वैभव का आगमन होता है।

पंचांग के अनुसार, आज पुनर्वसु नक्षत्र और व्यतीपात योग का प्रभाव रहेगा। आज के शुभ समय की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:46 बजे से 12:34 बजे तक रहेगा; इस दौरान किया गया कोई भी धार्मिक कार्य या पितृ तर्पण अक्षय पुण्य प्रदान करता है। वहीं, किसी भी नए या मांगलिक कार्य में विघ्न से बचने के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है; आज का राहुकाल सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा, जिसके दौरान शुभ या नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

शास्त्रों के अनुसार, पितृ पक्ष में सप्तमी तिथि के दिन पितरों के निमित्त अन्न और वस्त्र का दान करने से पितृ देव प्रसन्न होकर वंश वृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद देते हैं। आज के दिन "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से जीवन के आर्थिक संकट दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।