भगवान शंकर ज्ञान के देवता हैं : इंदुभवानंद तीर्थ महाराज

भगवान शंकर ज्ञान के देवता हैं : इंदुभवानंद तीर्थ महाराज

रायपुर। श्री शंकराचार्य आश्रम बोरियाकला रायपुर में चल रहे चातुर्मास प्रवचन श्रृंखला में शंकराचार्य आश्रम के प्रभारी यति प्रवर 1008 डॉ. इंदुभवानंद तीर्थ महाराज ने शिव पुराण की कथा का विस्तार करते हुए बताया कि भगवान शंकर ज्ञान के देवता हैं। भगवान शंकर से ज्ञान प्राप्त करके जीव मुक्ति का लाभ प्राप्त करता है इसलिए रामचरितमानस में कहा गया है कि जेहिं पर कृपा न करहिं  पुरारि। सो न पाव मुनि भगत हमारी।। जब तक भगवान शंकर की कृपा प्राप्त नहीं होती है तब तक जीव को भगवान विष्णु की भक्ति का अधिकार प्राप्त नहीं होता है। अतः भगवान शिव की कृपा से जीव अपने स्वरूप को पहचान लेता है और मुक्ति का भागी हो जाता है।

पूज्य स्वामी महाराज  ने कथा का विस्तार करते हुए बताया कि देवराज महान पापी था वेश्यावृत्ति के द्वारा उसने अपने ब्राह्मण धर्म का परित्याग कर दिया था। अपने कर्म से पतित हो गया था। जो कर्म से प्रतीत होता है उसे  शास्त्रों में मुक्ति का मार्ग नहीं बताया गया है। फिर भी भगवान शंकर का उसे पर अनुग्रह हुआ और उसने प्रतिष्ठानपुर नामक स्थान में जाकर श्रावण मास के पुनीत पर्व  पर शिव पुराण कीअमृतमयी कथा सुनी और अभिषेक का दर्शन किया और वहां जो भगवान का भोग प्राप्त होता था उससे जीवन निर्वाह किया श्रावण मास  के अंत में जब उसकी मृत्यु हुई तो उसको भगवान शिव के गण यमदूतों के चंगुल से छुड़ाकर शिवलोक लोग अर्थात कैलाश ले गए और उसे शिव तत्व की  प्राप्ति हो गई जो व्यक्ति भगवान शिव पुराण की कथा श्रवण करता है वह मुक्ति लाभ प्राप्त कर लेता है।