चेक बाउंस मामले में अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से अंतिम राहत, 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश
नई दिल्ली: करोड़ों रुपये के चेक बाउंस मामले में फंसे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिलने के साथ ही सख्त चेतावनी भी मिली है। सर्वोच्च अदालत ने राजपाल यादव को बकाया राशि के भुगतान के लिए एक ठोस प्रस्ताव पेश करने हेतु दो हफ्ते का अंतिम मौका दिया है। इसके साथ ही, अदालत ने अपनी नीयत (Bona Fide) साबित करने के लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में 2 करोड़ रुपये जमा कराने और अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस शर्त के आधार पर अभिनेता को सरेंडर करने से दी गई छूट को 5 अक्टूबर 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने अभिनेता के ढुलमुल रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि राजपाल यादव अभिनय में माहिर हैं, लेकिन यह अदालत है और यहां ड्रामा नहीं चलेगा। पीठ ने कहा कि पिछले आदेशों का पालन न किए जाने के कारण उनका आचरण भरोसा जगाने वाला नहीं है, फिर भी उन्हें एक आखिरी अवसर दिया जा रहा है। अभिनेता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी.एस. पटवालिया ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि राजपाल यादव दो हफ्तों के भीतर 2 करोड़ रुपये जमा कर देंगे और शेष राशि के भुगतान की एक स्पष्ट योजना पेश करेंगे।
यह पूरा विवाद वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने बतौर निर्देशक अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए मैसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता ली थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 2012 में ब्याज सहित लगभग 11 करोड़ रुपये लौटाने का समझौता हुआ था, जिसके तहत 2013 में दिए गए 1.05-1.05 करोड़ रुपये के 7 चेक बाउंस हो गए थे। इससे पहले 10 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने तीन महीने की जेल की सजा को बरकरार रखा था, जिसके खिलाफ अभिनेता ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होगी।
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