यात्रियों को मिली बड़ी राहत
रायपुर: छत्तीसगढ़ में 22 सितंबर मंगलवार से प्रस्तावित बस ऑपरेटरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल टल गई है। अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का रुख अपना रहे छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ (बस ऑपरेटर यूनियन) ने राज्य सरकार के साथ हुई सकारात्मक चर्चा और आश्वासन के बाद हड़ताल को स्थगित करने का ऐलान किया है। उपमुख्यमंत्री और परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ हुई अहम वार्ता के बाद महासंघ ने चक्काजाम न करने का फैसला लिया, जिससे प्रदेश भर के लाखों दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। मंगलवार से राज्य के सभी मार्गों पर बसों का संचालन पूर्ववत सुचारू रूप से जारी रहेगा।
मांगों को लेकर शासन स्तर पर हुई सकारात्मक चर्चा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की पूरी तैयारी कर चुका था। सोमवार को परिवहन मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने उपमुख्यमंत्री अरूण साव और परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। बैठक के दौरान बस ऑपरेटरों की विभिन्न मांगों पर बिंदुवार विस्तार से चर्चा की गई। शासन की ओर से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और उचित समाधान निकालने के स्पष्ट आश्वासन के बाद महासंघ ने अपनी हड़ताल को स्थगित करने पर सहमति जताई।
महासंघ के प्रमुख पदाधिकारियों ने लिया फैसला
शासन के साथ आयोजित इस महत्वपूर्ण वार्ता में छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के प्रमुख पदाधिकारी अनवर अली, शिवेश सिंह, अकरम भाई, बिट्टू चहल, लोकेश्वर सिंह राजपूत, सिकंदर सिंह शेखों, खेमराज साहू, सुमित ताम्रकर और जावेद खान शामिल रहे। बैठक के पश्चात महासंघ के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि परिवहन मंत्री और विभागीय अधिकारियों के सकारात्मक रुख को देखते हुए जनहित में हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बसों का परिचालन ठप्प न होने से आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बस ऑपरेटरों की इस हड़ताल के स्थगित होने से प्रदेश के दूर-दराज़ के इलाकों में यात्रा करने वाले आम नागरिकों, नौकरीपेशा वर्ग और विद्यार्थियों ने राहत की सांस ली है। राज्य सरकार और बस महासंघ के बीच समय रहते बनी इस सहमति से छत्तीसगढ़ में एक बड़े जनपरिवहन संकट को टाल दिया गया है। महासंघ का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि शासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के अनुरूप उनकी 9 सूत्रीय मांगों का शीघ्र और संतोषजनक निराकरण किया जाएगा।