जबलपुर हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में अलर्ट : बोटिंग और क्रूज सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

जबलपुर हादसे के बाद छत्तीसगढ़ में अलर्ट : बोटिंग और क्रूज सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त

रायपुर/बिलासपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर में हाल ही में हुए दुखद क्रूज हादसे ने जल पर्यटन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना से सबक लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन और प्रशासन ने भी राज्य के सभी जल पर्यटन केंद्रों पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। मुख्यमंत्री और गृह विभाग के निर्देशों के बाद अब छत्तीसगढ़ के जलाशयों में संचालित होने वाली नावों और क्रूज की सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है।

हादसे से सबक: सुरक्षा ऑडिट के निर्देश

जबलपुर में क्रूज पलटने की घटना के बाद छत्तीसगढ़ के उन सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र जारी किया गया है, जहाँ पर्यटन के लिए जलाशय, बांध या नदियां उपलब्ध हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।

इन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बढ़ी चौकसी

छत्तीसगढ़ में जल पर्यटन के प्रमुख केंद्रों पर अब विशेष निगरानी रखी जा रही है:

  • सतरेंगा (कोरबा): छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े जल पर्यटन केंद्र सतरेंगा में क्रूज और बोटिंग संचालकों को कड़ी चेतावनी दी गई है।

  • गंगरेल बांध (धमतरी): यहाँ पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसे देखते हुए लाइफ गार्ड्स की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • चित्रकोट (बस्तर): विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात के नीचे चलने वाली नावों के लिए नए सुरक्षा मानक तय किए गए हैं।

  • बूढ़ा तालाब और पुरखौती मुक्तांगन (रायपुर): राजधानी के इन पिकनिक स्पॉट्स पर भी बोटिंग की फिटनेस जांच शुरू कर दी गई है।

लागू किए गए कड़े सुरक्षा मानक

प्रशासन ने क्रूज और बोट संचालकों के लिए निम्नलिखित नियम अनिवार्य कर दिए हैं:

  1. अनिवार्य लाइफ जैकेट: किसी भी यात्री को बिना लाइफ जैकेट पहने नाव में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

  2. ओवरलोडिंग पर पाबंदी: नाव की निर्धारित क्षमता से एक भी व्यक्ति अधिक पाए जाने पर संचालक का लाइसेंस निरस्त कर दिया जाएगा।

  3. तकनीकी फिटनेस: सभी इंजन वाली नावों और क्रूज का फिटनेस सर्टिफिकेट रिन्यू कराना होगा।

  4. मौसम का ध्यान: तेज हवा या बारिश की स्थिति में तत्काल प्रभाव से नाव संचालन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों का औचक निरीक्षण

राज्य पर्यटन बोर्ड और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें अब लगातार जलाशयों का दौरा करेंगी। अधिकारियों का कहना है कि "पर्यटकों की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है। जबलपुर जैसी घटना की पुनरावृत्ति छत्तीसगढ़ में न हो, इसके लिए हम शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहे हैं।"