लोकसभा में उठेगी बस्तर में खंडपीठ शुरू करने की मांग, लखेश्वर विधानसभा में लाएंगे अशासकीय संकल्प पेश

लोकसभा में उठेगी बस्तर में खंडपीठ शुरू करने की मांग, लखेश्वर विधानसभा में लाएंगे अशासकीय संकल्प पेश
जगदलपुर (चैनल इंडिया)। चेंबर सभागार में आयोजित बैठक में बस्तर संभाग के जनप्रतिनिधियों, संघों एवं संगठनों ने अपनी सहभागिता निभाते हुए एक स्वर में कहा कि बस्तर में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर की खंडपीठ खोलने का पूर्ण समर्थन करते हैं तथा इस हेतु जो भी आंदोलन होगा उसमें हम सभी की सहभागिता होगी। 
बैठक में बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि इस मांग को लोकसभा में उठाएंगे तथा केंद्र सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि बस्तर में उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना की जाए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर से बस्तर संभाग के सातों जिलों की दूरी बहुत है। न्याय के लिए बस्तरवासियों को बहुत संघर्ष करना पड़ रहा है। इसलिए उच्च न्यायालय की खण्डपीठ बस्तर में शुरू करने की जरूरत है। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने भी खण्डपीठ की आवश्यकता प्रतिपादित करते हुए कहा कि विधानसभा के अगले सत्र में वे सदन में अशासकीय संकल्प पेश करेंगे। 
बस्तर जिला अधिवक्ता संघ जगदलपुर एवं बस्तर चेंबर ऑफ  कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जगदलपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस बैठक में बस्तर में खंडपीठ खोलने के आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई जिसमें सभी संगठन, संघों एवं समाजों और राजनैतिक दलों ने भाग लिया। बैठक को पूर्व विधायक रेखचंद जैन, राजाराम तौडेम, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, सर्व आदिवासी समाज के दशरथ कश्यप, चेंबर के पूर्व अध्यक्ष किशोर पारख, मनीष शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं जिला अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष संतोष मिश्रा, आनंद मोहन मिश्रा, वरिष्ठ अधिवक्ता अशफाक अहमद खान, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं जिला अधिवक्ता संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अवधेश कुमार झा, सिंधी समाज के अध्यक्ष मनीष मूलचंदानी, आंध्रा समाज के अध्यक्ष जयंत नायडू, क्रिश्चियन समाज से रत्नेश बेंजामिन रोटरी क्लब से नवीन भावसार एवं अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।