मई की शुरुआत महंगाई के झटके से: छोटू सिलेंडर 261 रुपये महंगा, होटल-रेस्टोरेंट में बढ़ सकते हैं खाने के दाम

मई की शुरुआत महंगाई के झटके से: छोटू सिलेंडर 261 रुपये महंगा, होटल-रेस्टोरेंट में बढ़ सकते हैं खाने के दाम

नई दिल्ली। मई की शुरुआत आम जनता और खासकर मध्यम वर्ग के लिए महंगाई की नई मार लेकर आई है। 1 मई से एलपीजी गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। सरकार ने जहां कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम बढ़ाए हैं, वहीं छोटे उपभोक्ताओं के बीच बेहद लोकप्रिय 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल), जिसे आम बोलचाल में ‘छोटू सिलेंडर’ कहा जाता है, उसकी कीमत में भी भारी इजाफा किया गया है।

इस बार 5 किलो वाले छोटू सिलेंडर की कीमत में सीधे 261 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यह सिलेंडर छोटे परिवारों, छात्र-छात्राओं, अकेले रहने वाले कामकाजी लोगों और प्रवासी मजदूरों के बीच काफी लोकप्रिय है। खास बात यह है कि अप्रैल महीने में भी इसके दाम 51 रुपये बढ़ाए गए थे। ऐसे में लगातार दो महीनों में हुई यह बढ़ोतरी उपभोक्ताओं के लिए बड़ी चिंता का कारण बन गई है।

हालांकि, राहत की बात यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे घरेलू रसोई के मासिक बजट पर तत्काल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

वहीं, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि ने होटल, रेस्टोरेंट और फूड कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस वर्ष अब तक कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जनवरी में 111 रुपये, फरवरी में 49.50 रुपये, मार्च में 141.50 रुपये और अप्रैल में 195 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि की गई थी। मई में भी कीमतों में इजाफा जारी रहा, जिससे कारोबारियों पर लागत का दबाव और बढ़ गया है।

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 3000 रुपये के पार पहुंचने के बाद इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं की थाली पर पड़ना तय माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती लागत की भरपाई के लिए होटल और रेस्टोरेंट संचालक खाने-पीने की वस्तुओं के दाम 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं। ऐसे में बाहर खाना अब पहले की तुलना में और महंगा हो सकता है।

महंगाई के इस नए झटके ने एक बार फिर आम आदमी की चिंता बढ़ा दी है, खासकर ऐसे समय में जब रोजमर्रा की जरूरतों पर पहले से ही खर्च लगातार बढ़ रहा है।