थकान और कमजोरी के बावजूद रात में नहीं आती नींद? जानिए इसके कारण और चैन की गहरी नींद पाने के आसान घरेलू उपाय

थकान और कमजोरी के बावजूद रात में नहीं आती नींद? जानिए इसके कारण और चैन की गहरी नींद पाने के आसान घरेलू उपाय

नई दिल्ली/लाइफस्टाइल: भागदौड़ भरी दिनचर्या और अत्यधिक काम के दबाव के कारण आज के समय में अधिकांश लोग शारीरिक और मानसिक रूप से भारी थकान महसूस करते हैं, लेकिन इसके बावजूद रात में बिस्तर पर जाने पर कई लोगों को समय पर नींद नहीं आती है। दिनभर की शारीरिक और मानसिक ऊर्जा खत्म हो जाने के बाद भी नींद का न आना न केवल अगले दिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, बल्कि लंबे समय तक यह स्थिति स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अत्यधिक थकान के बावजूद अनिद्रा या बेचैनी महसूस होने के पीछे शरीर में हार्मोनल असंतुलन, तनाव और हमारी आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी कई आदतें मुख्य रूप से जिम्मेदार होती हैं।

इस समस्या के पीछे सबसे बड़ा कारण शरीर में कोर्टिसोल यानी तनाव हार्मोन का स्तर बढ़ना होता है। जब कोई व्यक्ति पूरे दिन अत्यधिक तनाव या मानसिक दबाव में रहता है, तो शरीर और मस्तिष्क लगातार सतर्क अवस्था में बने रहते हैं। रात के समय जब आराम करने का वक्त आता है, तब भी मस्तिष्क में विचारों का सिलसिला थमता नहीं है, जिसके कारण शारीरिक रूप से थके होने के बावजूद नींद आंखों से कोसों दूर रहती है। इसके अलावा, देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी की नीली रोशनी (ब्लू लाइट) के संपर्क में रहना मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव को बाधित करता है, जो प्राकृतिक रूप से नींद लाने के लिए बेहद जरूरी होता है।

इस समस्या से पार पाने और चैन की गहरी नींद हासिल करने के लिए कुछ बेहद आसान और प्रभावी घरेलू उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है। रात को सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी प्रकार की डिजिटल स्क्रीन से दूरी बना लेनी चाहिए और अपने बेडरूम के वातावरण को शांत, अंधेरा और आरामदायक रखना चाहिए। इसके साथ ही, सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाना या पैरों की हल्के हाथों से मालिश करना तंत्रिका तंत्र को शांत करने और शरीर को आराम की स्थिति में लाने में मदद करता है। यदि बिस्तर पर लेटने के बाद भी मन में अनावश्यक विचार चल रहे हैं, तो गहरी सांस लेने के व्यायाम (ब्रीथिंग एक्सरसाइज) करने से मानसिक तनाव तेजी से कम होता है।

आहार और खान-पान की आदतें भी अच्छी नींद लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। रात का भोजन हल्का और समय पर करना चाहिए, तथा सोने से ठीक पहले कैफीन, चाय, अत्यधिक मसालेदार या भारी भोजन के सेवन से बचना चाहिए। इसके विपरीत, रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुना दूध पीना या कैमोमाइल टी का सेवन करना मानसिक शांति और सुकून भरी नींद को बढ़ावा देता है। यदि इन तमाम घरेलू उपायों और जीवनशैली में बदलाव करने के बाद भी अनिद्रा की समस्या बनी रहती है, तो किसी विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श अवश्य लेना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य से जुड़ी किसी अन्य छिपी हुई परेशानी का समय रहते उचित उपचार किया जा सके।