घर पर ब्लड शुगर टेस्ट करते समय रखें इन बातों का ध्यान, जानें जांच का सही तरीका

घर पर ब्लड शुगर टेस्ट करते समय रखें इन बातों का ध्यान, जानें जांच का सही तरीका

लाइफस्टाइल डेस्क: डायबिटीज (मधुमेह) से पीड़ित मरीजों के लिए ब्लड ग्लूकोज (शुगर) के स्तर की नियमित निगरानी करना स्वास्थ्य प्रबंधन का एक बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा है। घर पर ग्लूकोमीटर की मदद से शुगर टेस्ट करना एक आसान प्रक्रिया है, लेकिन कई बार अनजाने में होने वाली छोटी-छोटी गलतियों की वजह से रीडिंग गलत आ सकती है। गलत रीडिंग के आधार पर दवाओं या इंसुलिन की खुराक तय करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

सटीक परिणाम पाने के लिए शुगर टेस्ट करने का सही तरीका और सावधानियां जानना आवश्यक है।

शुगर टेस्ट करते समय होने वाली आम गलतियां

अक्सर लोग ग्लूकोमीटर का उपयोग करते समय कुछ बुनियादी बातों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिससे रीडिंग प्रभावित होती है:

  • हाथों को ठीक से साफ न करना: यदि आपने कुछ खाया है (विशेषकर फल या मीठी चीजें) और बिना हाथ धोए टेस्ट करते हैं, तो उंगलियों पर मौजूद शुगर के कण रक्त के साथ मिलकर रीडिंग को बढ़ा सकते हैं।

  • गीली उंगलियों से टेस्ट करना: हाथ धोने के बाद उंगलियों को पूरी तरह न सुखाने पर, पानी की बूंद खून को पतला (Dilute) कर देती है, जिससे शुगर का स्तर असलियत से कम दिखाई दे सकता है।

  • उंगली को बहुत जोर से दबाना (Squeeze करना): खून की बूंद निकालने के लिए उंगली को अत्यधिक जोर से दबाने पर रक्त के साथ टिशू फ्लूइड (Intercellular Fluid) भी बाहर आ जाता है, जो रीडिंग को गलत कर सकता है।

  • स्ट्रिप्स का गलत रख-रखाव: टेस्ट स्ट्रिप्स को नमी या सीधी धूप से बचाकर रखना चाहिए। डिब्बे का ढक्कन खुला छोड़ने या एक्सपायर्ड स्ट्रिप्स का उपयोग करने से परिणाम सटीक नहीं आते।

ब्लड शुगर जांचने का सही और सुरक्षित तरीका

घर पर सटीक रीडिंग प्राप्त करने के लिए इन चरणों का पालन करें:

  • हाथों की स्वच्छता: टेस्ट करने से पहले हाथों को साबुन और गुनगुने पानी से अच्छी तरह धोएं और साफ तौलिये या हवा में पूरी तरह सुखा लें। यदि आप अल्कोहल स्वैब (Alcohol Swab) का उपयोग कर रहे हैं, तो अल्कोहल को पूरी तरह उड़ जाने दें।

  • सही जगह का चुनाव: उंगली के ठीक बीच (टिप) पर प्रिक करने के बजाय उंगली के किनारों (Sides) पर प्रिक करें। किनारों पर तंत्रिकाएं (Nerve Endings) कम होती हैं, जिससे दर्द कम महसूस होता है।

  • रक्त का पर्याप्त प्रवाह: उंगली को नीचे की तरफ लटकाकर हल्के हाथों से ऊपर से नीचे की ओर सहलाएं ताकि खून का प्रवाह बढ़ सके। इसके बाद ही लांसेंट (सुई) से प्रिक करें।

  • समय का ध्यान रखें: फास्टिंग शुगर (Fasting) की जांच सुबह खाली पेट 8 घंटे के उपवास के बाद करें। खाने के बाद (Post-Prandial) की जांच भोजन के पहले निवाले के ठीक 2 घंटे बाद ही करें।