छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से जल्द मिलेगी राहत: इस तारीख से फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार

छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और उमस से जल्द मिलेगी राहत: इस तारीख से फिर बदलेगा मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार
रायपुर: छत्तीसगढ़ के अधिकांश हिस्सों में बीते कुछ दिनों से जारी कड़क धूप और भीषण उमस के बाद अब मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर के अनुसार, प्रदेशवासियों को उमस भरी गर्मी से जल्द ही बड़ी राहत मिलने की संभावना है। मानसूनी तंत्र के पुनः सक्रिय होने से राज्य में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी। मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जताया है कि आगामी दिनों में प्रदेश के विभिन्न संभागों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा और बौछारें पड़ने का नया दौर शुरू होगा, जिससे गिरते तापमान के साथ मौसम सुहावना हो जाएगा।

तेज धूप और उमस से पारा बढ़ा, लोग बेहाल

बीते कुछ दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां थमने के कारण अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राजधानी रायपुर समेत बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और रायगढ़ जैसे मैदानी इलाकों में सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण भीषण उमस की स्थिति निर्मित हो गई है। दोपहर के समय धूप में तल्खी बढ़ने से सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है और लोग गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय करने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून द्रोणिका के कमजोर पड़ने और स्थानीय स्तर पर नमी की कमी के कारण तापमान सामान्य से ऊपर चला गया था।

बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया तंत्र, इस दिन से होगी बारिश

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक नया चक्रवाती हवाओं का घेरा विकसित हो रहा है। इसके प्रभाव से प्रचुर मात्रा में नमी का आगमन शुरू होगा, जिसके चलते प्रदेश में मौसम की स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। विभाग ने संकेत दिए हैं कि 20 सितम्बर से प्रदेश के मौसम में बदलाव की प्रक्रिया तेज होगी और 21-22 सितम्बर के दौरान बस्तर, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर तथा सरगुजा संभाग के कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है। इस दौरान कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

तापमान में आएगी गिरावट, धान की फसल को मिलेगा फायदा

मौसम के इस नए स्पेल से न केवल आम जनता को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी यह बारिश बेहद संजीवनी साबित होगी। वर्तमान में प्रदेश भर में धान की फसल बालियां निकलने की स्थिति में है, जिसके लिए खेतों में पर्याप्त पानी और नमी होना अति आवश्यक है। बारिश शुरू होने से दिन और रात के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी। मौसम विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि इस दौरान किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखें और खराब मौसम की स्थिति में खुले स्थानों में जाने से बचें।