रायपुर (चैनल इंडिया)। छत्तीसगढ़ अब तेजी से वैश्विक पहचान की ओर बढ़ रहा है। उच्च शिक्षा, रोजगार, चिकित्सा, पर्यटन और कारोबार के लिए विदेश जाने की बढ़ती चाह ने प्रदेश में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या को रिकार्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। रायपुर में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खुलने के बाद पिछले 25 वर्षों में आवेदन 152 गुना बढ़ गए हैं। वर्ष 2007 में जहां पूरे वर्ष केवल 375 आवेदन आए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा बढक़र 56,991 तक पहुंच गया।
कोरोना काल जैसी विपरीत परिस्थितियों में भी करीब 27 हजार पासपोर्ट जारी हुए। रायपुर के बाद दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर पासपोर्ट धारकों की संख्या में आगे हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी बीएस राणा के अनुसार नई शाखाओं और आसान प्रक्रिया से अब प्रदेशवासियों को पासपोर्ट बनवाने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ रहा है। पासपोर्ट बनवाने वालों में सबसे बड़ी हिस्सेदारी युवाओं की है। उच्च शिक्षा, नौकरी और विदेश में करियर बनाने की चाह के कारण आवेदन लगातार बढ़ रहे हैं। पहले पासपोर्ट संबंधी कार्य के लिए भोपाल जाना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते थे। रायपुर में क्षेत्रीय कार्यालय और अन्य शहरों में सेवा केंद्र शुरू होने के बाद पूरी प्रक्रिया प्रदेश में ही आसान और सुलभ हो गई है।
रायपुर पहले, दुर्ग-भिलाई दूसरे स्थान पर
प्रदेश में सबसे अधिक रायपुर में 23 हजार लोग पासपोर्ट धारक हैं। इसके बाद दुर्ग-भिलाई में नौ हजार, बिलासपुर में सात हजार, राजनांदगांव में चार हजार तथा बस्तर और सरगुजा संभाग में करीब तीन हजार पासपोर्टधारक हैं। अन्य जिलों को मिलाकर यह संख्या करीब 11 हजार है, जो विदेश यात्रा के बढ़ते रुझान को दर्शाती है।