फर्जी 'केंद्रीय अफसर' बनकर ट्रांसफर पोस्टिंग का बड़ा खेल : नौकरी लगाने का झांसा देकर लाखों की ठगी,रायपुर पुलिस ने बिहार के आरोपी को दबोचा
रायपुर। खुद को भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का सहायक आयुक्त बताकर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर और पोस्टिंग कराने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर ठग को रायपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी पहचान-पत्र, एडिटेड फोटो और कार पर 'भारत सरकार' लिखवाकर लोगों का भरोसा जीतता था। पुलिस ने उसके कब्जे से फर्जी आईडी, दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल, सिम कार्ड, नकदी और कार जब्त की है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान रजनीश कुमार राय उर्फ छोटू राय (29) निवासी बक्सर (बिहार) के रूप में हुई है, जो वर्तमान में दुर्ग जिले के अमलेश्वर में रह रहा था।
*ट्रेन में हुई पहचान, फिर 5 लाख में पोस्टिंग का दिया ऑफर*
पुलिस के मुताबिक, सिविल लाइन निवासी गुरु नारायण की दो साल पहले ट्रेन में रजनीश से मुलाकात हुई थी। आरोपी ने खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताते हुए ऊंची पहुंच होने का दावा किया और मनचाही जगह ट्रांसफर-पोस्टिंग कराने के लिए 5 लाख रुपये मांगने की बात कही। बाद में अलग-अलग विभागों के फर्जी पहचान-पत्र दिखाने पर शिकायतकर्ता को शक हुआ और उसने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।
*एडिटेड फोटो और फर्जी आईडी से बनाता था रौब*
जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग मंत्रालयों के फर्जी आईडी कार्ड तैयार कराता था। वह अपने एडिटेड फोटो दिखाकर खुद को प्रभावशाली केंद्रीय अधिकारी साबित करता और फिर सरकारी नौकरी, ट्रांसफर व अन्य शासकीय काम कराने के नाम पर लोगों से मोटी रकम ऐंठता था।
*छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों को बनाया शिकार*
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने छत्तीसगढ़ और बिहार के कई लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये वसूले। ठगी से मिली रकम से उसने महंगे मोबाइल, लैपटॉप और अन्य सामान खरीदा। पुलिस के अनुसार उसे महंगी शॉपिंग का भी शौक है।
*पुलिस ने जब्त किए ये सामान*
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसके कब्जे से:
फर्जी पहचान-पत्र और दस्तावेज
लैपटॉप और मोबाइल फोन
तीन सिम कार्ड व फर्जी सिम
क्रेडिट कार्ड से जुड़े दस्तावेज
नकद राशि
घटना में प्रयुक्त कार (जिस पर 'भारत सरकार' अंकित था)
जब्त किए हैं।
*इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की हो रही जांच*
पुलिस ने आरोपी को रिमांड पर लेकर उसके लैपटॉप, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच शुरू कर दी है। आशंका है कि पूछताछ में ठगी के कई और मामलों का खुलासा हो सकता है।
सिविल लाइन थाना में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 376/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। आरोपी की गिरफ्तारी एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, सिविल लाइन और तेलीबांधा थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में हुई।

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