कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देने की बनाई रणनीति, भाजपा विधायक दल की बैठक में किया गया मंथन

कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव का जवाब देने की बनाई रणनीति, भाजपा विधायक दल की बैठक में किया गया मंथन

रायपुर (चैनल इंडिया)। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले सत्ता पक्ष ने अपनी तैयारियां तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में नवा रायपुर स्थित सीएम हाउस में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें सभी मंत्री और भाजपा विधायक मौजूद रहे। 

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में विधायक दल की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सभी विधायकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। मानसून सत्र में विपक्ष के सवालों का जवाब देने राज्य  सरकार पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा, कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। वो अपनी उपस्थिति के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की है और हम पूरे तरीके से तैयार हैं। कांग्रेस को उसके अविश्वास प्रस्ताव का मुंह तोड़ जवाब दिया जाएगा।

तेज हुई राजनीतिक गतिविधियां
मानसून सत्र से पहले प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से स्पीकर हाउस पहुंचकर मुलाकात की थी। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक आगामी मानसून सत्र की तैयारियों और सदन के सुचारु संचालन को लेकर चर्चा हुई थी। इसके बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी विधानसभा अध्यक्ष से अलग से मुलाकात कर सत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की थी। 

कई मुद्दों पर सरकार, को घेरने की तैयारी 
इस बार मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं। कांग्रेस पहले ही सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना चुकी है। इनमें कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, रायपुर के नकटी गांव का भूमि विवाद, बिजली-पानी संकट, सडक़ निर्माण और मानसून के दौरान व्यवस्थाएं प्रमुख रूप से शामिल हैं।

मानसून सत्र 13 से, सरकार से हजार सवाल
विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होगा। सत्र के लिए विधायकों ने अब तक कुल 1033 प्रश्न लगाए हैं। ऐसे में पांच दिन का यह सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है। कांग्रेस ने संकेत दिए हैं कि हाल के दिनों में बढ़ी हत्या, चाकूबाजी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, नशे के बढ़ते कारोबार और बिगड़ती कानून-व्यवस्था को प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा। विपक्ष का आरोप है कि प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण नहीं है और सरकार इस मोर्चे पर विफल रही है।