महादेव बेटिंग ऐप केस में CBI की नई चार्जशीट, छह आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश के सबूत पेश

महादेव बेटिंग ऐप केस में CBI की नई चार्जशीट, छह आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश के सबूत पेश

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच को आगे बढ़ाते हुए छह आरोपियों के खिलाफ नई चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने अदालत में काली कमाई, मनी लॉन्ड्रिंग और आपराधिक साजिश से जुड़े नए सबूत पेश किए हैं। चार्जशीट में अशीम दास, रोहित गुलाटी, विकास छपारिया, अनिल धम्मानी, विशाल आहूजा और धीरज आहूजा को आरोपी बनाया गया है।

CBI ने इन सभी पर धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और अवैध वित्तीय गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाए हैं। इसके साथ ही महादेव बेटिंग ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ भी जांच में जुटाए गए महत्वपूर्ण साक्ष्य अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए गए हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में कुल 66 आरोपियों के खिलाफ पांच अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की जा चुकी हैं। इनमें महादेव ऐप के संचालक, नेटवर्क संचालित करने वाले सदस्य और वित्तीय लेन-देन में शामिल कई अन्य आरोपी शामिल हैं।

इस बीच महादेव ऐप के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को ओमान में गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस पर फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश करने का आरोप है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहा था। भारतीय एजेंसियों की ओर से जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। फिलहाल वह मस्कट स्थित अल खौद हाई-सिक्योरिटी डिटेंशन सेंटर में बंद है और भारत सरकार उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में जुटी हुई है।

सीबीआई के मुताबिक, महादेव ऐप देश के सबसे बड़े अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क में से एक है, जिसका संचालन भारत के बाहर से किया जाता था। जांच में सामने आया है कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से देशभर में बेटिंग का व्यापक नेटवर्क तैयार किया। इस नेटवर्क के जरिए गैर-कानूनी बेटिंग पैनल संचालित किए जाते थे, नए यूजर्स जोड़े जाते थे और अवैध सट्टेबाजी से करोड़ों रुपये की कमाई की जाती थी।

जांच में यह भी सामने आया है कि अवैध कमाई को म्यूल अकाउंट्स और अन्य माध्यमों से मनी लॉन्ड्रिंग कर विदेश भेजा जाता था। एजेंसी का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोगों ने अवैध गतिविधियों को संरक्षण दिलाने के लिए कथित तौर पर कुछ सरकारी कर्मचारियों को भी रकम पहुंचाई।

CBI ने बताया कि महादेव ऐप के प्रमोटर और उनके कई सहयोगी वर्षों पहले पश्चिम एशिया के देशों में चले गए थे और वहीं से पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। जांच के दौरान विदेश में मौजूद चार प्रमुख आरोपियों के खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। इसके अलावा उन्हें भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने की कानूनी प्रक्रिया भी जारी है।

एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन, राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरक्षण तथा अन्य सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। आने वाले समय में इस मामले में और चार्जशीट दाखिल की जा सकती हैं।

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में समानांतर जांच कर रहा है। एजेंसी अब तक 175 से अधिक स्थानों पर छापेमारी कर चुकी है। ईडी ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, 74 लोगों को आरोपी बनाया है तथा विशेष PMLA अदालत में पांच अभियोजन शिकायतें दाखिल की हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, अब तक इस मामले में लगभग 4,336 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।